Maharajganj : पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं को लेकर डीएम ने 9 लेखपालों को किया सस्पेंड, 40 कंबाइन मशीनों को भी किया गया सीज

महराजगंज ( Maharajganj ) जनपद में लगातार बढ़ रही पराली जलाने की घटनाओं पर अब जिला प्रशासन ने सख़्त रवैया अपना लिया है। पर्यावरण की रक्षा और किसानों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से प्रशासनिक मशीनरी एक्शन मोड में नज़र आ रही है। जिलाधिकारी के नेतृत्व में हो रही कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में एक मिसाल पेश की है

महराजगंज, जहां करीब 90% किसान धान की खेती पर निर्भर हैं, वहीं पराली जलाने की घटनाओं में यह जनपद पूरे प्रदेश में शीर्ष पर दर्ज किया जा रहा था। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। पराली जलाने के 380 मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने ऐसी सख़्त कार्रवाई की है, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।

सबसे पहले, लापरवाही बरतने के आरोप में 9 लेखपालों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। यही नहीं, सभी तहसीलों के एसडीएम, कृषि विभाग के उपनिदेशक और संबंधित थाना क्षेत्रों के एसओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। कई ग्राम प्रधानों को भी नोटिस भेजकर पूछा गया है कि उनके क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाएं क्यों बढ़ीं।

धान की कटाई में मानक पूरा न करने वाली 40 कंबाइन मशीनों को भी सीज कर दिया गया है। यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि प्रशासन कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार चाहता है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा स्वयं ग्रामीण इलाकों में पहुँचकर किसानों से संवाद कर रहे हैं। पराली जलाने से पर्यावरण, मिट्टी और मानव स्वास्थ्य पर होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों को समझाया जा रहा है।

वहीं, दूसरी ओर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि किसान वैकल्पिक उपयोग को अपनाएं।प्रशासन न केवल कार्रवाई कर रहा है, बल्कि सुधार के रास्ते भी दिखा रहा है। अब तक लगभग 16 लाख रुपये के जुर्माने लगाए जा चुके हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि नियम तोड़ने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।जिलाधिकारी की सक्रियता और दूरदर्शिता ने महराजगंज में नई ऊर्जा पैदा की है। दैनिक बैठकों से लेकर मैदानी निरीक्षण तक—हर स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है। पराली जलाना सिर्फ एक कृषि समस्या नहीं, बल्कि एक बड़ा पर्यावरणीय संकट है, और महराजगंज प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जो कदम उठाए हैं, वह पूरे प्रदेश के लिए अनुकरणीय है।

निस्संदेह, जिला प्रशासन की यह पहल महराजगंज को पराली मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है और आने वाले दिनों में इसके सकारात्मक परिणाम पूरे प्रदेश में दिखाई देने की उम्मीद है।

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