मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को टूट-फूट का डर

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने के बाद कांग्रेस की चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। इसी बीच ऐसी चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं कि कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन्हें कर्नाटक या किसी अन्य कांग्रेस श

Jun 09, 2026 - 09:32
Updated: 2 months ago
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मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने के बाद कांग्रेस की चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। इसी बीच ऐसी चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं कि कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन्हें कर्नाटक या किसी अन्य कांग्रेस शासित राज्य में भेज सकती है। हालांकि इस पूरे मामले पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया है।

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया और राजनीतिक गतिविधियों के बीच अब सबसे ज्यादा चर्चा विधायकों की संभावित शिफ्टिंग को लेकर हो रही है। कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसको लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं।

बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार से बदला समीकरण

मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी पहले ही अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी थी। लेकिन अंतिम समय में तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने के बाद चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

बीजेपी के इस फैसले के बाद कांग्रेस के भीतर क्रॉस वोटिंग और विधायकों की एकजुटता को लेकर चर्चा तेज हो गई। यही वजह है कि पार्टी अब अपने विधायकों को सुरक्षित रखने की रणनीति पर विचार करती हुई दिखाई दे रही है।

कर्नाटक भेजे जाने की चर्चा क्यों?

राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अपने विधायकों को एक साथ रखने के लिए उन्हें कर्नाटक या तेलंगाना भेजने पर विचार कर सकती है। इन दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार है और पहले भी कई राज्यों में राजनीतिक संकट के दौरान इस तरह की रणनीति अपनाई जाती रही है।

हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके बावजूद राजनीतिक हलकों में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

जीतू पटवारी ने क्या कहा?

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से जब इस विषय पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने मुख्य रूप से बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार के फैसले पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए सही संकेत नहीं है।

पटवारी ने आरोप लगाया कि बीजेपी बार-बार ऐसी राजनीतिक परिस्थितियां बनाने की कोशिश कर रही है जिससे विपक्षी दलों के विधायकों पर असर डाला जा सके।

कांग्रेस को क्यों है चिंता?

राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए विधायकों के वोट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में यदि किसी दल के विधायक क्रॉस वोटिंग करते हैं तो चुनावी परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।

बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार के मैदान में उतरने के बाद कांग्रेस की सबसे बड़ी चिंता अपने सभी विधायकों को एकजुट बनाए रखना मानी जा रही है। इसी को लेकर पार्टी के भीतर लगातार मंथन, बैठकें और आगे की रणनीति पर चर्चा का दौर जारी है।

मीनाक्षी नटराजन हैं कांग्रेस की उम्मीदवार

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि उसके सभी विधायक एकजुट हैं और उम्मीदवार को पूरा समर्थन मिलेगा।

हाल ही में भोपाल में कांग्रेस विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक भी हुई थी, जिसमें एकजुटता का प्रदर्शन किया गया।

दिग्विजय सिंह ने भी दिया बयान

बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह संगठित और एकजुट है तथा सभी विधायक पार्टी उम्मीदवार का समर्थन करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को तोड़ने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

बीजेपी का क्या है गणित?

मध्य प्रदेश विधानसभा में बीजेपी के पास स्पष्ट बहुमत है। इसी आधार पर पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में तीन उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।

राजनीतिक चर्चाओं में यही सवाल सबसे ज्यादा उठ रहा है कि बीजेपी ने तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारकर कौन सा संदेश देने की कोशिश की है।

कांग्रेस लगातार कर रही बैठकें

राज्यसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस लगातार अपने नेताओं और विधायकों के साथ बैठकें कर रही है। पार्टी नेतृत्व किसी भी तरह की असमंजस की स्थिति से बचना चाहता है।

इसी उद्देश्य से विधायकों से संपर्क बनाए रखा जा रहा है और चुनावी रणनीति पर चर्चा की जा रही है।

क्रॉस वोटिंग की आशंका पर चर्चा

राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा क्रॉस वोटिंग की संभावना को लेकर हो रही है। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व सार्वजनिक रूप से यह दावा कर रहा है कि उसके सभी विधायक पार्टी के साथ हैं।

इसके बावजूद विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और चुनाव नजदीक आने के साथ राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।

राज्यसभा चुनाव की तारीख पर नजर

मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 18 जून को होना है। इसी दिन वोटिंग और मतगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

चुनाव की तारीख करीब आते ही सभी राजनीतिक दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और चुनावी गणित मजबूत करने में जुट गए हैं।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा

कांग्रेस विधायकों को कर्नाटक भेजे जाने की चर्चा ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से इस पर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

वहीं जीतू पटवारी ने भी इस विषय पर स्पष्ट प्रतिक्रिया देने से बचते हुए सीधे तौर पर कोई पुष्टि नहीं की है।

सभी की नजर अगले कदम पर

फिलहाल मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार के मैदान में उतरने के बाद मुकाबला और रोचक हो गया है। दूसरी तरफ कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने पर फोकस कर रही है। विधायकों को कर्नाटक भेजे जाने की चर्चाओं के बीच अब सभी की नजर कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम और राज्यसभा चुनाव की आगे की प्रक्रिया पर बनी हुई है।

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