लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उत्तर प्रदेश इकाई को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज से सात बार के सांसद पंकज चौधरी ने शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। उनके नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। चूंकि कोई अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया, इसलिए पंकज चौधरी का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय हो गया है। औपचारिक घोषणा रविवार 14 दिसंबर को एक भव्य कार्यक्रम में की जाएगी।
नामांकन प्रक्रिया और पार्टी की रणनीति

भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए 13 दिसंबर को नामांकन और 14 दिसंबर को घोषणा का कार्यक्रम तय किया था। पंकज चौधरी इकलौते उम्मीदवार रहे, जिससे चुनाव की नौबत नहीं आई। उनके प्रस्तावकों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम सबसे ऊपर था। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह चयन 2027 के विधानसभा चुनाव और आगामी पंचायत चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया है।
पंकज चौधरी का चयन ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वह कुर्मी समाज से आते हैं, जो उत्तर प्रदेश में ओबीसी का एक बड़ा और प्रभावशाली समुदाय है। भाजपा इस कदम से समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को काउंटर करने की कोशिश कर रही है। कुर्मी वोटरों का झुकाव हाल के चुनावों में कुछ हद तक सपा की ओर गया था, जिसे भाजपा अब वापस लाने की योजना बना रही है।
पंकज चौधरी कौन हैं?
- जन्म : 20 नवंबर 1964, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि : राजनीतिक परिवार से ताल्लुक। उनकी मां उज्ज्वल चौधरी महाराजगंज जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं।
- शिक्षा : गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक।
- राजनीतिक सफर की शुरुआत : 1989 में गोरखपुर नगर निगम के पार्षद बने। बाद में डिप्टी मेयर भी रहे।
- सांसद : महाराजगंज लोकसभा सीट से 1991, 1996, 1998, 2004, 2014, 2019 और 2024 में सात बार जीते।
- केंद्रीय मंत्री : मोदी सरकार में वित्त राज्य मंत्री।
- खासियत : पूर्वांचल में मजबूत पकड़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। पूर्वांचल के प्रभाव को बनाए रखने के लिए भी उनका चयन महत्वपूर्ण है।
पंकज चौधरी को भाजपा का ‘कैडर से निकला नेता’ कहा जाता है, जो जमीनी स्तर से ऊपर उठे हैं। वह कुर्मी समाज के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और पूर्वांचल की राजनीति में योगी आदित्यनाथ के साथ प्रमुख क्षत्रप माने जाते हैं।
भाजपा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?
उत्तर प्रदेश भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष पद जनवरी 2024 से रिक्त था। अब पंकज चौधरी के नेतृत्व में पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी करेगी, जहां वह तीसरी बार सत्ता में आने का लक्ष्य रख रही है। ओबीसी वोटों का मजबूत समीकरण, पूर्वांचल पर पकड़ और केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा – ये सभी कारक उनके चयन के पीछे प्रमुख रहे।
पार्टी कार्यकर्ताओं में इस चयन को लेकर उत्साह है। नामांकन के बाद पंकज चौधरी ने कहा कि वह संगठन की जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएंगे और 2027 के लिए मजबूत तैयारी करेंगे।
रविवार को लखनऊ में आयोजित भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल उनके नाम की औपचारिक घोषणा करेंगे। उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।










