रायबरेली जिले के सलोन कोतवाली क्षेत्र के मटका गांव से एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक दलित महिला के साथ छोटे-मोटे विवाद को लेकर दुकानदार ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। पीड़ित महिला की पहचान अनीता (पत्नी रमेश) के रूप में हुई है, जो मटका गांव की निवासी हैं।
घटना का पूरा विवरण
जानकारी के अनुसार, अनीता गांव में स्थित प्रिया वस्त्रालय नाम की कपड़े की दुकान पर किसी छोटे काम से गई थीं। इसी दौरान दुकान के मालिक से किसी बात पर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दुकानदार ने महिला पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुकानदार ने अनीता को बेरहमी से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनकी हालत मरणासन्न तक पहुंच गई।

घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। परिजनों को सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल अनीता को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। उनकी स्थिति अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस में शिकायत और आरोप
पीड़िता के परिजनों ने सलोन कोतवाली में पहुंचकर आरोपी दुकानदार के खिलाफ तहरीर दी है और सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी एक रसूखदार व्यक्ति है, जिसके कारण पुलिस पूरी तरह से कार्रवाई करने में संकोच कर रही है।
रायबरेली पुलिस ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा है कि प्रकरण की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हालांकि, पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई गई है।
समाज में सवाल
यह घटना एक बार फिर उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, दलितों की सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आखिर कब तक मामूली विवादों में निर्दोष लोगों, खासकर दलित समुदाय की महिलाओं को ऐसी बर्बरता का शिकार होना पड़ेगा? और न्याय के लिए पीड़ितों को लंबा संघर्ष क्यों करना पड़ता है?
अब देखना यह है कि प्रशासन और पुलिस इस मामले में कितनी गंभीरता से कदम उठाते हैं, आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है या नहीं, और पीड़ित अनीता को समय पर न्याय मिल पाता है या नहीं। ऐसी घटनाएं समाज में भय और असुरक्षा की भावना को और मजबूत करती हैं, जिसे रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम जरूरी हैं।










