Dariyapur Krishi Sansadhan Kendra : सदर तहसील क्षेत्र के दरियापुर ग्राम स्थित कृषि संसाधन केंद्र आज किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यहां आधुनिक तकनीक से हाइब्रिड फसलों की नर्सरी तैयार की जाती है, जिससे जिले ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों के किसान भी जुड़ रहे हैं।
₹1 में पौधा तैयार, ₹2 में बिक्री

केंद्र में यदि कोई किसान अपना बीज (बी) उपलब्ध कराता है, तो मात्र ₹1 प्रति पौधा की दर से उसके पौधे तैयार कर दिए जाते हैं। वहीं, संस्थान द्वारा तैयार किए गए पौधे किसानों को ₹2 प्रति पौधा के हिसाब से उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे छोटे और सीमांत किसानों को कम लागत में बेहतर गुणवत्ता के पौधे मिल जाते हैं।
हाइड्रोलिक सिंचाई से तैयार होते हैं पौधे
नर्सरी में पौधों की सिंचाई हाइड्रोलिक तकनीक के माध्यम से की जाती है, जिससे पानी की बचत के साथ पौधों की बेहतर वृद्धि सुनिश्चित होती है। आधुनिक ट्रे सिस्टम और नियंत्रित वातावरण में पौधे तैयार किए जाते हैं, जिससे अंकुरण दर अधिक रहती है और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
डेढ़ लाख किसान जुड़े
केंद्र के कर्मचारी बाल मुनीराम ने बताया कि अब तक करीब डेढ़ लाख किसान इस केंद्र से जुड़ चुके हैं। हर सीजन में अलग-अलग किस्मों के पौधे तैयार किए जाते हैं।
इस सीजन में तैयार हो रहे प्रमुख पौधे
इस समय नर्सरी में विभिन्न सब्जियों और फूलों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें प्रमुख रूप से—
- गेंदा
- तरबूज
- खरबूजा
- बैंगन
- कद्दू
- लौकी
- करेला
सहित कई अन्य हाइब्रिड वैरायटी शामिल हैं।
किसान मेले में जागरूकता अभियान
केंद्र द्वारा तैयार पौधों को विभिन्न सरकारी किसान मेलों में प्रदर्शनी के लिए ले जाया जाता है, जहां किसानों को नई तकनीक और उन्नत किस्मों की जानकारी दी जाती है। इससे किसानों में बागवानी और सब्जी उत्पादन के प्रति रुचि बढ़ रही है।
फूलों से लेकर सब्जियों तक पूरी सुविधा
चाहे बागवानी फूलों की हो या सब्जियों की, यह केंद्र सभी प्रकार की पौध तैयार करने में सक्षम है। यदि कोई किसान अपनी पसंद की वैरायटी के पौधे तैयार करवाना चाहता है, तो वह यहां आकर अपना बीज देकर अपनी जरूरत के अनुसार पौधे तैयार करवा सकता है।
किसानों की आय बढ़ाने में सहायक
दरियापुर का यह कृषि संसाधन केंद्र आधुनिक तकनीक और कम लागत में गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध कराकर किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि यहां से तैयार पौधे लेने के बाद उनकी फसल की पैदावार और गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार हुआ है।
रायबरेली के किसानों के लिए यह केंद्र आत्मनिर्भर खेती की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।










