Raebareli : राम लीला मैदान, नई दिल्ली में आगामी 5 दिसम्बर को होने वाली महारैली की तैयारियों को लेकर आज विकास क्षेत्र सरेनी में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ला ने की।
बैठक में जिलाध्यक्ष शुक्ला ने कहा कि “पच्चीस वर्षों की निष्ठापूर्ण सेवा दे चुके शिक्षक को पुनः परीक्षा देने का फरमान जारी किया जाना बिल्कुल भी तर्कसंगत नहीं है। यह शिक्षकों की गरिमा और सेवा भावना को ठेस पहुँचाने वाला कदम है। हमें न्यायालय की लड़ाई के साथ-साथ सरकार के सामने भी अपनी बात मजबूती से रखनी होगी। शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा हमारा प्रथम दायित्व है।”

बैठक में संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी और शिक्षकों के समर्थन में आंदोलन को और सशक्त बनाने का संकल्प जताया।
अध्यक्ष, जिला संघर्ष समिति पंकज द्विवेदी ने कहा कि “शिक्षक समाज अब किसी भी प्रकार के अन्याय को चुपचाप सहन करने वाला नहीं है। एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”
जिला मंत्री मुकेश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि “रैली में अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करना प्रत्येक शिक्षक का उत्तरदायित्व है। यही हमारी आवाज़ को दिल्ली तक पहुंचाएगा।”
जनपदीय संयुक्त मंत्री डॉ. चंद्रमणि बाजपेई ने कहा कि “शिक्षा व्यवस्था में सुधार का मार्ग शिक्षक से ही होकर जाता है। सरकार को शिक्षकों को विश्वसनीय साथी के रूप में देखना चाहिए, बाधा के रूप में नहीं।”
जनपदीय संगठन मंत्री नीरज शुक्ला ने कहा कि “संगठन की ताकत ही आंदोलन की ताकत है, और यह रैली हमारे धैर्य और एकजुटता की परीक्षा है।”
जनपदीय ऑडिटर अखिलेश तिवारी ने कहा कि “आर्थिक, सामाजिक और मानवीय—हर स्तर पर शिक्षक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। अब समय है कि हमारी आवाज़ राष्ट्रीय स्तर पर सुनी जाए।”
जनपदीय प्रचार मंत्री अनुपम शुक्ला ने कहा कि “रैली शिक्षकों के भविष्य की निर्णायक दस्तक होगी। इसे ऐतिहासिक बनाना हम सबका लक्ष्य है।”
जनपदीय संघर्ष समिति उपाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय ने कहा कि “सरकार को यह समझना होगा कि शिक्षक अपमान सहकर चुप नहीं बैठेगा। हमारा संघर्ष न्याय के लिए है।”
सरेनी अध्यक्ष श्री राकेश द्विवेदी ने कहा कि “क्षेत्र के हर शिक्षक को दिल्ली पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी चाहिए। यह केवल रैली नहीं, हक़ की लड़ाई है।”
सरेनी मंत्री धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि “ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों में काफी उत्साह है और बड़ी संख्या में प्रतिभाग सुनिश्चित होगा।”
वरिष्ठ उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि “शिक्षक समाज हमेशा संघर्षों से जीतकर निकला है, इस बार भी जीत हमारी ही होगी।”
तहसील प्रभारी शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि “आंदोलन तभी सफल होता है जब हर स्तर पर अनुशासन और एकजुटता दिखाई देती है। सरेनी इसका उदाहरण बनकर उभरेगा।”
इस अवसर पर उपाध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्र दीपू, शिव बोध सिंह, राम बहादुर श्रीवास्तव, राजेश त्रिवेदी, अभिषेक पाण्डेय, अखिल सिंह, राघवेन्द्र सिंह, महेंद्र द्विवेदी, हरिओम सिंह, प्रशान्त वर्मा, सचिन यादव, रमाकांत वर्मा, मुकेश शुक्ला, प्रभा शंकर त्रिवेदी, आनन्द तिवारी, सुप्रीत शुक्ला, करूणा शंकर के साथ-साथ बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे और 5 दिसम्बर की महारैली को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।










