रायबरेली : जनपद में गोवंश आश्रय स्थलों के संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी हर्षिता माथुर (DM Harshita Mathur) ने सख्त कदम उठाया है। उनके निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में संचालित सभी अस्थाई एवं स्थाई गोवंश आश्रय स्थलों में भूसा आपूर्ति के लिए चयनित फर्म मे. एंजेल प्राइम सर्विसेज को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
प्रशासन की जांच में सामने आया कि संबंधित फर्म द्वारा आपूर्ति कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे गोवंश आश्रय स्थलों की व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप द्विवेदी ने बताया कि फर्म के साथ किया गया अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। साथ ही, फर्म द्वारा जमा की गई जमानत राशि भी जब्त कर ली गई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गोवंश आश्रय स्थलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में आपूर्ति कार्य के लिए नई प्रक्रिया के तहत चयन किया जाएगा, ताकि पशुओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध कराया जा सके।
प्रशासन की इस कार्रवाई से संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है, वहीं यह संदेश भी गया है कि सरकारी योजनाओं में अनियमितता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।










