Holika Dahan 2026 : राजातालाब में आकर्षण का केंद्र बना 30 फीट ऊंची मूर्ति की रूप में अनोखी होलिका, क्षेत्र में बना चर्चा का विषय

Holika Dahan 2026 : चौतरफा फूल मालाओ व झालर बत्तियों से किया गया मनमोहक भब्य सजावट

Holika Dahan 2026 : राजातालाब क्षेत्र इन दिनों होली की उमंग में रंगा नजर आ रहा है। आराजी लाइन विकासखंड के कचनार स्थित जंसा-राजातालाब रोड किनारे इस बार 30 फीट ऊंची होलिका की स्थापना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। नवयुवक संघ की पहल पर तैयार की गई यह होलिका पारंपरिक स्वरूप से अलग है। इसमें भगवान विष्णु के परम भक्त प्रहलाद को गोद में लिए होलिका की विशाल प्रतिमा बनाई गई है, जो दूर से ही श्रद्धालुओं और राहगीरों को आकर्षित कर रही है।

मुखौटा और परिधान ने बढ़ाई जीवंतता

इस प्रतिमा की खासियत इसका जीवंत रूप है। होलिका को मुखौटा पहनाकर और पारंपरिक वस्त्रों से सजाया गया है, जिससे वह किसी रंगमंचीय प्रस्तुति की तरह प्रतीत होती है। गोद में बैठे प्रहलाद की मूर्ति श्रद्धा और आस्था का संदेश देती है। प्रतिमा के चारों ओर रंग-बिरंगी झालरें और फूल-मालाओं की सजावट की गई है, जो रात में रोशनी के बीच मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करती है।

बसंत पंचमी से शुरू हुई तैयारी

नवयुवक संघ के अध्यक्ष प्रमोद कुमार चौहान ने बताया कि होलिका की स्थापना बसंत पंचमी के दिन की गई थी। अंतिम रूप देने में लगभग 20 दिन का समय लगा। प्रतिमा निर्माण में स्थानीय युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। सजावट से लेकर संरचना तैयार करने तक हर काम में सामूहिक सहयोग दिखा। होलिका दहन के दिन विधिवत हवन-पूजन के बाद परंपरा अनुसार दहन किया जाएगा।

युवाओं की पहल बनी चर्चा का विषय

इस अनोखी पहल ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया है। आसपास के गांवों से लोग प्रतिमा देखने पहुंच रहे हैं। बच्चों और महिलाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की रचनात्मक पहल से त्योहार की गरिमा और बढ़ जाती है। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया है।

मोहन सराय चौराहे पर भी अनूठी स्थापना

केवल राजातालाब ही नहीं, बल्कि मोहन सराय हाईवे स्थित चौराहे पर भी युवाओं ने अलग अंदाज में होलिका सजाई है। यहां गोबर से बने उपलों (गोहरी) के माध्यम से करीब 10 फीट ऊंची होलिका तैयार की गई है। इसके साथ प्रहलाद की प्रतिमा स्थापित कर पारंपरिक और पर्यावरण अनुकूल संदेश देने का प्रयास किया गया है।

मुख्य आकर्षण बिंदु

  • 30 फीट ऊंची होलिका की अनोखी प्रतिमा
  • गोद में भक्त प्रहलाद की सजीव झलक
  • फूल-मालाओं और रंगीन झालरों से भव्य सजावट
  • बसंत पंचमी से शुरू हुई 20 दिन की तैयारी
  • पर्यावरण अनुकूल गोबर से बनी होलिका की पहल

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