Sambhal : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं की चर्चा होती है। इसी कड़ी में संभल के हयात नगर की रहने वाली समाजसेवी दीपा बाष्णेय का नाम विशेष रूप से लिया जाता है। पिछले कई वर्षों से वह निस्वार्थ भाव से समाज सेवा के कार्यों में जुटी हुई हैं।
दीपा बाष्णेय ने वर्ष 2013 से समाज सेवा की शुरुआत की थी और तब से लगातार जरूरतमंदों की सहायता तथा महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही हैं। उनका मानना है कि समाज में सकारात्मक बदलाव तभी संभव है, जब महिलाएं जागरूक और आत्मनिर्भर बनें।

महिला शक्ति संगठन से बढ़ा महिलाओं का आत्मविश्वास
दीपा बाष्णेय महिला शक्ति संगठन की संस्थापक अध्यक्ष हैं। इस संगठन का उद्देश्य समाज में परोपकार और सेवा की भावना को मजबूत करना है। संगठन के बैनर पर लिखा संदेश — “महिला शक्ति संगठन परोपकार में हर्ष का अनुभव करता है” — इसकी विचारधारा को स्पष्ट करता है।
संगठन से जुड़ी महिलाएं आज सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। दीपा के नेतृत्व में कई महिलाएं समाज सेवा से जुड़कर जरूरतमंदों की मदद कर रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर एक सकारात्मक माहौल तैयार हुआ है।
महिलाओं और बेटियों को मंच देने का प्रयास
दीपा बाष्णेय का मानना है कि महिलाओं और बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए अवसर मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से वह समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं का आयोजन करती रहती हैं।
इन आयोजनों के जरिए महिलाओं और युवतियों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का मंच मिलता है और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है। स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाएं भाग लेती हैं।
गरीब कन्याओं की शादी में किया सहयोग
समाज सेवा के क्षेत्र में दीपा बाष्णेय का योगदान कई रूपों में देखने को मिलता है। उनकी संस्था के माध्यम से अब तक लगभग 70 जरूरतमंद कन्याओं की शादी में सहयोग किया जा चुका है।
इसके अलावा संगठन द्वारा समय-समय पर धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
नवरात्रि और सर्दियों में सेवा के विशेष अभियान
हर वर्ष दोनों नवरात्रियों के दौरान महिला शक्ति संगठन की ओर से भव्य आयोजन किए जाते हैं। इन आयोजनों में कन्या पूजन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होती हैं।
इसके अलावा सर्दियों के मौसम में दीपा बाष्णेय जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल, रजाई, गर्म कपड़े और भोजन का वितरण भी करती हैं। उनका उद्देश्य यह है कि समाज का कोई भी व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में अकेला महसूस न करे।
सम्मान के साथ बढ़ता गया सेवा का सफर
दीपा बाष्णेय के सामाजिक कार्यों को देखते हुए उन्हें कई मंचों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। हालांकि वह इन सम्मानों को अपनी जिम्मेदारी और बढ़ी हुई प्रेरणा के रूप में देखती हैं।
उनका कहना है कि समाज सेवा केवल एक काम नहीं बल्कि जीवन का उद्देश्य है।
समाज सेवा जारी रखने का संकल्प
दीपा बाष्णेय का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनके शरीर में प्राण हैं, तब तक वह समाज सेवा का कार्य जारी रखेंगी।
उनके प्रयासों से न केवल जरूरतमंदों को मदद मिल रही है बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत हो रही है। आज हयात नगर और आसपास के क्षेत्रों में लोग उन्हें एक प्रेरणादायक समाजसेवी के रूप में पहचानते हैं।










