Raebareli : रायबरेली के पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने अपने करीब 2 वर्ष के कार्यकाल के दौरान मंगलवार को पहली बार क्राइम मीटिंग आयोजित की। पुलिस कार्यालय में हुई इस बैठक में जिले भर के सभी थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी (सीओ) मौजूद रहे। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अपराध नियंत्रण को लेकर कड़े निर्देश देते हुए साफ शब्दों में कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्राइम मीटिंग के दौरान एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने झाड़-फूंक के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी बाबाओं, फर्जी खाते खुलवाने वाले साइबर अपराधियों, फर्जी सिम बेचने वालों, फर्जी जमानतदारों और अवैध रूप से सूदखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ये अपराधी संगठित तरीके से आम लोगों को ठग रहे हैं और साइबर अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं, जो वर्तमान समय में एक बड़ी चुनौती बन चुका है।

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन अपराधों के खिलाफ हर थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय होकर कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने वाले थानेदारों की बैठक के दौरान कड़ी क्लास लगाई और चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी स्तर पर ढिलाई पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने विशेष रूप से फर्जी जमानतदारों और फर्जी सिम के कारोबार में लिप्त अपराधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि ये लोग फर्जी खाते खुलवाकर साइबर ठगी जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि ऐसे नेटवर्क की पहचान कर उन्हें तोड़ा जाए और दोषियों को जेल भेजा जाए।
इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक ने अन्य रूटीन अपराधों पर भी प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता जनता में सुरक्षा का भरोसा कायम करना है और इसके लिए सभी अधिकारियों को पूरी ईमानदारी और तत्परता से कार्य करना होगा।
क्राइम मीटिंग में दिए गए इन सख्त निर्देशों के बाद जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।










