Chandausi : रमज़ान का पाक महीना शुरू हो चुका है, इस महीने के रोज़े मुसलमानों पर फ़र्ज़ किए गए हैं और पूरे महीने की तरावीह मुसलमान के लिए सुन्नत है। इस महीने के रोज़े तक़वे को हासिल करने में बड़े मददगार हैं। तक़वा इंसान की वह ताकत है जो उसको पाप और बुराइयों से रोक देती और बिन देखे भी खुदा के होने का एहसास दिलाती है। जिसको हम आसान लफ्जों में खुद का डर भी कह सकते हैं, कि हक़ीक़त में यही डर इंसान को पाप से रोकता है।
रोज़ा इस बात की भी निशानी है कि इंसान की इच्छा शक्ति कितनी ज़बरदस्त है और जब वह यह तय कर लेता है कि मुझे सुबह से शाम तक कुछ नहीं खाना और ना कुछ पीना है, तो वह ऐसा कर भी गुज़रता है।

इसी तरह अगर इंसान यह तय कर ले कि मुझे अपनी जिंदगी में पाप और बुराइयों से अपने आप को बचाना है तो उसकी यह इच्छा शक्ति इस बड़े और भारी काम को भी उसके लिए आसान बना देगी, रोज़ा इस चीज को साबित करता है। बहरहाल रमज़ान का यह महीना शुरू हो चुका है हमको चाहिए कि इस महीने का एतराम करें रोज़ों की पाबंदी करें और ख़ुदा का नेक बंदा बना लें।










