Varanasi : धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में महिलाओं की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल एक्शन मोड में नजर आए। रोहनिया थाना स्थित मिशन शक्ति केंद्र के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ संदेश दिया कि बेटियों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान वरुणा जोन की एडीसीपी नीतू काद्दयान (लेडी सिंघम) भी मौजूद रहीं, जिनकी सख्त कार्यशैली से अपराधियों में पहले ही खौफ है।

मिशन शक्ति केंद्र को मिले ‘सुपरपावर’ निर्देश
निरीक्षण के दौरान महिला हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली की बारीकी से समीक्षा की गई और कई अहम निर्देश जारी हुए:
➡️ साप्ताहिक फीडबैक अनिवार्य: घरेलू हिंसा या उत्पीड़न की शिकार महिलाओं से हर सप्ताह संपर्क कर फीडबैक लिया जाएगा। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
➡️ सीसीटीवी और शिकायत पेटिका: सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और हॉस्टलों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य होंगे। छात्राओं के लिए शिकायत पेटिकाएं भी लगाई जाएंगी।
➡️ एंटी-रोमियो स्क्वाड की सक्रियता: मिशन शक्ति केंद्र के कर्मी सादे कपड़ों में स्कूलों और कोचिंग संस्थानों के बाहर गश्त करेंगे, ताकि असामाजिक तत्वों पर सख्त नजर रखी जा सके।
100% FIR और 15 दिन में जांच पूरी
पुलिस कमिश्नर ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए कहां कि महिला अपराध और बच्चों की गुमशुदगी की के मामले में 100% FIR दर्ज होनी चाहिए।
“अगर शिकायत दर्ज करने में किसी भी प्रकार की टालमटोल या लापरवाही मिली, तो संबंधित पुलिसकर्मी के विरुद्ध तुरंत विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”
— मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त
छोटे मामलों में 15 दिन के भीतर विवेचना पूरी करना अनिवार्य किया गया है।
‘लेडी सिंघम’ का सख्त संदेश
एडीसीपी नीतू काद्दयान ने स्पष्ट किया कि मिशन शक्ति प्रभारी केवल कार्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में उतरकर हॉस्टलों और कॉलेजों के आसपास नियमित गश्त करें।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की कोताही पर सीधी कार्रवाई होगी।
एक नजर में निर्देश
विषय -निर्देश
विवेचना -अवधि छोटे मामलों में 15 दिन के भीतर जांच पूरी
निगरानी – कोचिंग और हॉस्टल के बाहर एंटी-रोमियो स्क्वाड
पारदर्शिता – शिकायतकर्ता की गरिमा बनाए रखते हुए त्वरित कार्रवाई
तकनीक – शिक्षण संस्थानों में सीसीटीवी अनिवार्य
काशी में पुलिस का यह सख्त रुख साफ संकेत देता है कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई रियायत नहीं होगी।










