Raebareli : रायबरेली जनपद की महाराजगंज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक गंभीर शिकायत सामने आने के बाद जिला अधिकारी हर्षिता माथुर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) को निलंबित कर दिया है। यह मामला फर्जी मृतक प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) बनाने से जुड़ा है, जिसमें एक जीवित बुजुर्ग महिला को मृत दिखाकर वृद्धा पेंशन योजना में अनियमितता बरतने का आरोप लगा है। घटना की जांच में दोषी पाए जाने पर आगे की कानूनी कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।
शिकायत का विवरण

घटना की शुरुआत शनिवार को महाराजगंज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस से हुई। इस दौरान शिवगढ़ विकासखंड के कमालपुर आवा डीह गांव की रहने वाली बुजुर्ग महिला किशन दुलारी (पत्नी स्वर्गीय जग प्रसाद) ने जिला अधिकारी के समक्ष शिकायती पत्र सौंपा। महिला ने आरोप लगाया कि ग्राम विकास अधिकारी सुमित वर्मा ने उनके पति का मृतक प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से बना दिया, जबकि वह अभी जीवित हैं। इससे वृद्धा पेंशन योजना में लाभार्थी को मृत दिखाकर सरकारी योजनाओं में धांधली की गई है।
बुजुर्ग महिला ने बताया कि यह फर्जीवाड़ा पेंशन राशि के दुरुपयोग या अन्य अनियमितताओं के लिए किया गया था। शिकायत मिलते ही जिला अधिकारी हर्षिता माथुर ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश दिए।
जांच और कार्रवाई
आज दिनांक 16 नवंबर 2025 (रविवार) को दोपहर करीब 1:00 बजे जिला अधिकारी ने जांच टीम गठित की। जांच में पाया गया कि ग्राम विकास अधिकारी सुमित वर्मा ने वास्तव में फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। महिला के जीवित होने के बावजूद मृतक प्रमाण पत्र जारी करना एक गंभीर प्रशासनिक और आपराधिक लापरवाही है। जांच रिपोर्ट में मामला सही पाया जाने पर जिला अधिकारी ने वीडीओ सुमित वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन आदेश के साथ ही आगे की जांच के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। जांच में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) शिवगढ़ की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसके चलते उनकी जवाबदेही भी तय की जा रही है। जिला अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पृष्ठभूमि और प्रभाव
यह मामला उत्तर प्रदेश सरकार की वृद्धा पेंशन योजना से जुड़ा है, जिसमें लाभार्थियों को मासिक पेंशन प्रदान की जाती है। फर्जी मृतक प्रमाण पत्र बनाकर पेंशन की राशि का दुरुपयोग या अन्य व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई थी। ऐसे मामलों से न केवल सरकारी खजाने को नुकसान होता है, बल्कि वास्तविक जरूरतमंदों के अधिकार भी प्रभावित होते हैं।
जिला अधिकारी हर्षिता माथुर ने संपूर्ण समाधान दिवस को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प जताया है। उन्होंने कहा, “जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण हमारी प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” इस कार्रवाई से जनपद में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में सतर्कता बढ़ने की उम्मीद है।
आगे की कार्यवाही
- निलंबित वीडीओ के खिलाफ : विभागीय जांच और संभावित एफआईआर।
- बीडीओ की भूमिका : अलग से जांच रिपोर्ट मांगी गई।
- पीड़िता को राहत : बुजुर्ग महिला को वृद्धा पेंशन बहाल करने और सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश।
यह घटना रायबरेली जनपद में प्रशासनिक सतर्कता का उदाहरण है, जहां समाधान दिवस जैसे मंचों का उपयोग जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। मामले की गहराई से जांच जारी है और जल्द ही अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।










