Raebareli : रायबरेली जिले की जगतपुर थाना पुलिस ने सर्विलांस और अन्य टीमों की मदद से मंदिरों में लगे घंटों की चोरी करने वाले एक संगठित अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक महिला भी शामिल है। कार्रवाई के दौरान एक बदमाश के साथ पुलिस की मुठभेड़ भी हुई।
बताते चले कि थानाक्षेत्र के अंतर्गत हुई घटना का खुलासा करते हुए सोमवार को पुलिस अधीक्षक डॉ.यशवीर सिंह ने एसपी कार्यालय में प्रेस वार्ता कर खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से गैर-जनपद के थे, लेकिन रायबरेली के कुछ स्थानीय लोगों के साथ मिलकर जिले के विभिन्न मंदिरों को निशाना बनाते थे। ये लोग गूगल लोकेशन का इस्तेमाल करके दूर-दराज के मंदिरों की पहचान करते, वहां पहुंचते और घंटे चुराकर फरार हो जाते थे।

इस गिरोह ने हाल ही में जगतपुर थाना क्षेत्र के एक मंदिर से घंटे चुराए थे।इसके अलावा उन्नाव जनपद के चंदिकन मंदिर से भी चोरी की गई घंटियां इनके पास से बरामद हुई हैं। पुलिस ने ऊंचाहार क्षेत्र से संयुक्त कार्रवाई में इन अभियुक्तों को दबोचा। इनके पास से 3 क्विंटल 13 किलो से अधिक चोरी के मंदिर घंटे,एक चार पहिया वाहन ट्रांसपोर्ट के लिए इस्तेमाल करते थे, अवैध तमंचा, खोखा, कारतूस, लोहा को काटने वाली मशीन बरामद हुआ है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में गोविंद सिंह पुत्र अर्जुन सिंह, निवासी बढ़पुरा, थाना फूफ, जनपद भिंड मध्य प्रदेश, मोनू भदौरिया पुत्र इंदल सिंह, निवासी उदित पुरा, थाना कोतवाली नगर जनपद भिंड, मध्य प्रदेश, आबिद पुत्र स्वर्गीय जफर, निवासी उर्दू मोहल्ला, थाना कोतवाली, जनपद इटावा, आनंद कुमार गिरी पुत्र स्वर्गीय बजरंगी, निवासी गोसाई खेड़ा थाना सरेनी, जनपद रायबरेली, बब्बू सिंह उर्फ शिवबक्श सिंह पुत्र गयाबक्स सिंह, निवासी मांधातापुर, थाना ऊंचाहार, जनपद रायबरेली, सुनील कुमार पोरवाल पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र पोरवाल, निवासी शांतेश्वर, थाना कोतवाली नगर, जनपद औरैया, सुंमन (महिला) पत्नी नेवल निवासी सूर्य नगर घाटमपुर, जनपद कानपुर (किराए पर रहती थी) मूल निवास हमीरपुर जनपद है।
एसपी डॉ. यशवीर सिंह के अनुसार, इन अभियुक्तों का लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास है, दर्जनों मुकदमें है, और वे संगठित तरीके से मंदिरों को टारगेट करते थे।
इस बड़ी सफलता के लिए एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम, सर्विलांस टीम और एसओजी को 20,000 रुपये का नगद इनाम दिया। इसके अलावा पूर्व में खुलासा की गई अन्य घटनाओं के लिए संबंधित टीमों को कुल करीब 2.5 लाख रुपये का इनाम दिया गया है। बरामद घंटों को कोर्ट के माध्यम से संबंधित मंदिरों को वापस किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई मंदिरों की सुरक्षा और धार्मिक स्थलों पर होने वाली चोरियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जांच जारी है और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश की जा रही है।










