Raebareli : हरचंदपुर कस्बे के पास स्कूल वैन पलटने से मची चीख-पुकार, करीब दर्जन से अधिक बच्चों को आई चोटें चल रहा इलाज

Raebareli : रायबरेली में आज दिनांक 20 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार को समय करीब सुबह लगभग 9:00 बजे हरचंदपुर-महाराजगंज मार्ग पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) हरचंदपुर के निकट एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। एक निजी स्कूल की वैन, जो क्षमता से लगभग दोगुनी यानी करीब 20 बच्चों से भरी हुई थी, तेज रफ्तार में अनियंत्र

Feb 21, 2026 - 06:10
Updated: 5 months ago
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Raebareli : रायबरेली में आज दिनांक 20 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार को समय करीब सुबह लगभग 9:00 बजे हरचंदपुर-महाराजगंज मार्ग पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) हरचंदपुर के निकट एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। एक निजी स्कूल की वैन, जो क्षमता से लगभग दोगुनी यानी करीब 20 बच्चों से भरी हुई थी, तेज रफ्तार में अनियंत्रित होकर पलट गई। वैन के पलटते ही मौके पर बच्चों की चीख-पुकार गूंज उठी, जिससे आसपास के लोग दौड़े और मदद के लिए जुट गए।

यह हादसा बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गया है। वैन में क्षमता से अधिक बच्चे सवार होने के कारण यह एक "चलता-फिरता खतरा" साबित हुई।

घायलों की स्थिति और इलाज

प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे में करीब डेढ़-दो दर्जन बच्चे घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही घायल बच्चों को तुरंत पास के CHC हरचंदपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया।

गंभीर रूप से घायल बच्चे, जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। काव्यांश राजपूत (5 वर्ष), पुत्र कमलेश कुमार, निवासी पूरे बैशन, शिवम (11 वर्ष), पुत्र रामकुमार, निवासी नवीगंज।

अन्य घायल बच्चे : अधिकांश का इलाज CHC में ही किया गया। वे शारीरिक रूप से सुरक्षित हैं, लेकिन घटना के सदमे से गहरा आघात लगा हुआ है। कई बच्चे ट्रॉमा में हैं और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

डॉक्टरों ने बताया कि ज्यादातर चोटें मामूली हैं, जैसे खरोंच, चोट और हल्की सूजन, लेकिन ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार के कारण हादसा गंभीर हो सकता था।

लापरवाही के आरोप और अभिभावकों का रोष

यह घटना निजी स्कूलों की उस लापरवाही को उजागर करती है, जहां मुनाफे के लालच में बच्चों की जान को जोखिम में डाला जाता है। वैन में क्षमता से दोगुने बच्चे ठूंसना, फिटनेस सर्टिफिकेट की कमी, चालक की लापरवाही और ओवरस्पीडिंग – ये सभी नियमों का खुला उल्लंघन हैं।

अभिभावकों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने कहा, "जब तक प्रशासन डग्गामार और ओवरलोडेड स्कूली वाहनों पर सख्ती नहीं करेगा, तब तक मासूमों की जिंदगियां इसी तरह खतरे में रहेंगी।" उन्होंने स्कूल प्रबंधन, चालक और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन की जिम्मेदारी

पुलिस और जिला प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। स्कूल वैन को जब्त करने और चालक के खिलाफ FIR दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि ओवरलोडिंग और फिटनेस नियमों की जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा।

यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे स्कूल वाहनों की फिटनेस और क्षमता की जांच खुद करें।

ऐसे हादसों से बचाव के लिए

  • स्कूल वाहनों में क्षमता से अधिक सवार न होने दें।
  • चालकों का लाइसेंस और वाहन की फिटनेस चेक करें।
  • तेज रफ्तार और लापरवाही पर सख्ती बरतें।

बच्चों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है – एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का रूप ले सकती है।

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