Sambhal : सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित कर समरस, स्वाभिमानी और कर्तव्यनिष्ठ भारत के निर्माण की दिशा में प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता रही। गणेश वंदना, सरस्वती वंदना के बाद भारतमाता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवम विभिन्न विद्यालयों के द्वारा सांस्कृतिक एवं देशभक्ति के कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए।
मुख्य अतिथि परमपूज्य महामंडलेश्वर हरिकान्त महाराज ने कहा कि विश्व की उत्पत्ति सनातन ने की है हिन्दू को अब जगाने की आवश्यकता नहीं हैं वो जागा हुआ हैं लेकिन हम जातियों में बट जाते हैं सभी को एकजुट होने की आवश्यकता हैं। समय-समय पर पापियों का अन्त करने के लिये स्वयं ईश्वर ने अवतार लिया हैं इसी प्रकार अब विधर्मियों के नाश के लिये मोदी-योगी आए हैं। वर्तमान परिवेश में राजनीति से ही धर्म को बचाया जा सकता हैं। राजनीति धर्म का एक अंग हैं। मनुष्य को अपने तन-मन-धन को राष्ट्रसेवा में लगाना चाहिए। धर्म की रक्षा के लिये राष्ट्रसेवा अवश्य करनी चाहिए।
मुख्य अतिथि शंकराचार्य पीठ सोमानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि अश्वमेध यज्ञ कलयुग में नहीं होता लेकिन हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने जो रास्ता चुना वो राष्ट्रसेवा में अश्वमेध यज्ञ हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत की रीढ़ है, जो भी स्वयंसेवक राष्ट्रसेवा में लगे हैं वो सीधे बैकुण्ठ धाम जाएंगे। भारत को विश्व ग्रुप बनाना है 2019 तक क्योंकि हमारा राजा सनातन को मानने वाला है। देश के विधर्मी राष्ट्र के लिए कैंसर है। 2017 के बाद से उत्तरप्रदेश की स्थिति बदली हैं जब से योगी आदित्यनाथ ने उत्तरप्रदेश संभाला हैं। संघ के ये 100 वर्ष 1000 वर्षों के बराबर हैं विपरीत परिस्थितियों में जो तप और त्याग राष्ट्र के लिये किया है वो अदभुत हैं। वर्तमान परिवेश में गंगा-गायत्री-गौ माता को बचाएं तभी देश हिन्दू राष्ट्र बनेगा।
मुख्य वक्ता विभाग संयोजक कुटुम्ब प्रबोधन महावीर ने कहा कि देशभक्ति से ओत प्रोत स्वयंसेवक समाज के कष्ट देखते ही दौड़ पड़ते हैं, तभी आज किसी भी प्राकृतिक अथवा अन्य आपदाओं के समय वहां तुरंत पहुंचते हैं। केवल आपदा के समय ही नहीं, वह नियमित रूप से समाज में दिखने वाले अभाव, पीड़ा, अपेक्षा दूर करने हेतु स्वयंसेवक अपनी क्षमतानुसार सर्वत्र प्रयास करते हैं। स्वयंसेवक प्रशासन अथवा सरकार पर निर्भर ना रहते हुए अपने क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सभी क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर करते हैं। स्वयंसेवक नियमित रूप से समाज परिवर्तन और समस्याओं का समाधान करने के लिए सतत् सक्रिय रहते हैं जो पांच परिवर्तन के माध्यम से संभव है- सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, सह आधारित जीवन और नागरिक कर्तव्यबोध। सभी को इस राष्ट्रकार में अपनी रुचि व क्षमता के अनुसार सक्रिय भूमिका में लगना चाहिए।

अन्त में हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष राकेश पाठक ने सभी का आभार व्यक्त किया। आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह एवं उपहार के साथ पुरुस्कृत किया गया। हिंदू सम्मेलन की अध्यक्षता हिमांशु अग्रवाल उर्फ मोंटू सर्राफ तथा संचालन डॉ दुर्गा टंडन ने किया।
इस दौरान समिति अध्यक्ष राकेश पाठक, राजीव गुप्ता, रामौतार शर्मा, सुरेश सैनी, अजय जैन, पवन अग्रवाल, नवनीत पाल, अमित सक्सेना, दिलीप गोयल, चरण सिंह, पिंकल वार्ष्णेय, शुभम अग्रवाल, आयुष गोयल, राजवीर, चंद्रमोहन, दिनेश गोस्वामी, अनुज तायल, नकुल वार्ष्णेय, अनेक पाल सिंह, संजय सैनी, सुधा शर्मा, इंदुरानी, मोक्षिका शर्मा, नूतन चौधरी, नीलम राय, आकृति गुप्ता, सभासद शिव कुमार सैनी, सभासद अमन कोली, डॉ टीएस पाल, नकुल वार्ष्णेय, आलोक शाक्य, उमेश सैनी, मुकेश जाटव, सुबोध शर्मा, मनोज राघव, विनोद वार्ष्णेय, दौलत सैनी, उत्कर्ष वार्ष्णेय, दिनेश चंद गुप्ता, जितेन्द्र सिंह बब्बल, गिरीश रतन, मनोज दिवाकर, आकाश शर्मा आदि मौजूद रहे।










