Sakshi Maharaj Viral Audio : जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो राजनीतिक हलकों में भूचाल ला रहा है। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें भाजपा सांसद साक्षी महाराज पर एक पीड़ित परिवार से आपत्तिजनक तरीके से बात करने का आरोप लग रहा है। इस कथित ऑडियो ने सियासी माहौल को गर्मा दिया है, और विपक्ष ने इसे जनप्रतिनिधि की असंवेदनशीलता का प्रतीक बताते हुए कड़ी निंदा की है। हालांकि, ऑडियो की सत्यता की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, और हमारी वेब सर्च और सोशल मीडिया जांच में भी कोई ठोस सबूत नहीं मिला, इसलिए इसे अनवेरिफाइड मानकर आगे बढ़ा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि उन्नाव में एक व्यक्ति की बेटी के साथ कथित रूप से दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई, और शव को जमीन में दफना दिया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस और प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली। न्याय की उम्मीद में परिवार ने सांसद साक्षी महाराज से फोन पर संपर्क किया। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर सांसद कहते सुनाई दे रहे हैं, “मेरे यहां क्यों मरोगे, DM के यहां जाकर मरो…”।
यह बयान बेहद विवादास्पद है, क्योंकि इसमें पीड़ित की मौत को लेकर असंवेदनशील टिप्पणी लगती है। परिवार का कहना है कि वे सिर्फ न्याय मांग रहे थे, लेकिन सांसद की भाषा ने उन्हें और दुखी कर दिया। घटना की शुरुआत एक दर्दनाक अपराध से हुई, जहां लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर शव छिपा दिया गया। परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उनका आरोप है कि जांच में ढिलाई बरती गई। जब बात नहीं बनी, तो उन्होंने सांसद से मदद की गुहार लगाई, और यही कॉल रिकॉर्ड हो गई जो अब वायरल है।
सोशल मीडिया पर हंगामा
जैसे ही ऑडियो वायरल हुई ट्विटर (अब X), फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर तीखी बहस छिड़ गई है। हजारों यूजर्स ने इसे शेयर करते हुए #SakshiMaharajAudio, #UnnaoScandal जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लग गए, इसपर एक यूजर ने लिखा, “जनप्रतिनिधि का ऐसा बर्ताव? पीड़ितों से मदद की बजाय ऐसी भाषा, शर्मनाक!। दूसरे ने कहा, यह ऑडियो अगर असली है, तो सांसद को इस्तीफा देना चाहिए।
विपक्षी पार्टियां सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गईं। कांग्रेस और सपा के नेताओं ने वीडियो और पोस्ट शेयर कर भाजपा को घेरा। एक विपक्षी नेता ने ट्वीट किया, “भाजपा के सांसद की ये भाषा महिलाओं और पीड़ितों के प्रति उनकी सोच दर्शाती है। जांच हो और कार्रवाई हो।” सोशल मीडिया पर कई मीम्स भी बने, जहां सांसद के बयान को व्यंग्यात्मक तरीके से पेश किया गया। हालांकि, कुछ यूजर्स ने इसे फेक न्यूज बताते हुए कहा कि ऑडियो एडिटेड हो सकता है।
विपक्ष का तीखा हमला
विपक्ष ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा, “अगर ऑडियो सही है, तो यह भाजपा की असली सूरत है। पीड़ित परिवार को न्याय मिले, और सांसद पर कार्रवाई हो।” कांग्रेस की प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर कहा, “महिलाओं के खिलाफ अपराधों में न्याय की बजाय ऐसी असंवेदनशीलता? सरकार जवाब दे।”
विपक्ष की मांग है कि ऑडियो की फॉरेंसिक जांच हो, और अगर सत्य साबित हुआ तो सांसद को संसद से निलंबित किया जाए। साथ ही, पूरे दुष्कर्म-हत्या मामले की सीबीआई जांच की मांग भी जोर पकड़ रही है। विपक्ष का कहना है कि यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी का प्रतीक है, जहां पीड़ितों को न्याय के लिए भटकना पड़ता है।
सांसद और भाजपा की प्रतिक्रिया
खबर लिखे जाने तक साक्षी महाराज की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों ने कहा कि ऑडियो की सत्यता की जांच जरूरी है। एक पदाधिकारी ने बताया, यह विपक्ष की साजिश हो सकती है। बिना पुष्टि के आरोप लगाना गलत है। सांसद जी हमेशा जनता की सेवा में तत्पर रहे हैं।
साक्षी महाराज, जो उन्नाव से भाजपा सांसद हैं, पहले भी विवादास्पद बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं। लेकिन इस बार मामला गंभीर है, क्योंकि इसमें एक दुष्कर्म पीड़ित परिवार शामिल है। अगर ऑडियो असली साबित हुआ, तो यह भाजपा के लिए बड़ा झटका हो सकता है, खासकर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर।
प्रशासन पर सवालों की बौछार
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में FIR दर्ज करने में देरी की, और आरोपी अभी भी फरार हैं। DM कार्यालय से भी कोई मदद नहीं मिली। अब मांग है कि उच्च स्तरीय जांच हो, और दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो। उन्नाव जिला, जो पहले भी कुलदीप सिंह सेंगर जैसे मामलों से बदनाम हो चुका है, एक बार फिर सुर्खियों में है।










