Varanasi : रंगों के पर्व होली पर इस बार गंगा किनारे उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 4 मार्च को सुबह 4 बजे से शाम 4 बजे तक गंगा में किसी भी प्रकार की नाव का संचालन नहीं होगा। यह निर्णय पूरी तरह सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि त्योहार का उत्साह किसी अनहोनी में न बदल जाए।
भीड़ और उल्लास के बीच बढ़ता जोखिम

होली के दिन घाटों पर स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों की संख्या भी काफी बढ़ जाती है। रंगों और उत्साह के माहौल में बड़ी तादाद में लोग गंगा विहार के लिए नावों का रुख करते हैं। ऐसे में नावों पर क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने और असावधानी की आशंका बढ़ जाती है। प्रशासन का मानना है कि अस्थायी रोक से अव्यवस्था पर नियंत्रण रहेगा और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
पिछले अनुभवों से लिया गया सबक
अधिकारियों का कहना है कि बीते वर्षों में भी होली पर इसी तरह की व्यवस्था लागू की गई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए इस बार भी वही रणनीति अपनाई जा रही है। घाटों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई होगी।
शाम 4 बजे के बाद सीमित छूट
प्रतिबंध पूरी तरह स्थायी नहीं रहेगा। शाम 4 बजे के बाद से रात 8 बजे तक नौका संचालन को सीमित रूप से फिर शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि इस दौरान नियमों का पालन अनिवार्य रहेगा। जल पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
इस दौरान लागू प्रमुख नियम:
- बिना अनुमति नाव संचालन पूर्णतः वर्जित
- ओवरलोडिंग पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई
-नशे की हालत में नाव चलाने पर कानूनी दंड - लाइफ जैकेट और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य
माझी बंधुओं से सहयोग की अपील
जल पुलिस ने नाविकों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग दें। त्योहार के दिन घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। साथ ही गोताखोरों की टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि आपात स्थिति में तत्काल बचाव कार्य किया जा सके।
घाटों पर चौकसी और निगरानी
होली के दौरान घाट क्षेत्रों में विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों के जरिए गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भी संयम बरतने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रतिबंध किसी असुविधा के लिए नहीं, बल्कि सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगाया गया है।










