Raebareli News : सरकार द्वारा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की सुरक्षा के लिए कई कठोर कानून बनाए गए हैं। परंतु अब यह वर्ग कितना सशक्त हो चुका है, इसका उदाहरण विगत 17 अक्टूबर को थाना क्षेत्र हरचंदपुर के ग्राम जोहवा शर्की में देखने को मिला। जहां ग्राम प्रधान शिवलाल द्वारा गांव के ही अनूप कुमार त्रिपाठी को जिंदा गाड़ देने की धमकी हल्का लेखपाल की मौजूदगी में ही दी गई।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद सवर्ण समाज के अनेकों संगठनों में भारी आक्रोश उत्पन्न हो गया। दिनांक 28 अक्टूबर को पीड़ित अनूप कुमार त्रिपाठी द्वारा क्षेत्राधिकारी महाराजगंज प्रदीप कुमार को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया गया की ग्राम सभा की गाटा संख्या 1283 रकबा 0.940 पर ग्राम प्रधान अपने भाई के साथ मकान निर्माण कर रहे थे। इस पर प्रार्थी ने उन्हें जब रोका तो उन्होंने हल्का लेखपाल को बुलाया और उससे कहा कि मेरे पास इस जमीन का मालिकाना हक है। लेखपाल द्वारा आवंटन पत्रावली तथा प्रमाण दिखाने के लिए जब कहा गया तो, उन्होने मोबाइल पर एक रसीद दिखाया। मेरे द्वारा लेखपाल को यह बताया गया कि इस जमीन का मेरे पास पट्टा है ।

इतना सुनते ही ग्राम प्रधान क्रोधित हो उठे और कहने लगे कि अगर मैं अपनी पसियाई पर आ गया तो यही जिंदा गाड़ दूंगा। ब्राह्मण हो ब्राह्मण की तरह रहो, प्रार्थी चुप हो गया। मौजूदा समय में दबंग ग्राम प्रधान से मुझे वह मेरे परिवार को जानमाल का खतरा पैदा हो गया है। इसलिए मेरी सुरक्षा के साथ-साथ उचित कार्यवाही की जाए।
पीड़ित युवक द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, जिलाधिकारी रायबरेली हर्षिता माथुर और पुलिस अधीक्षक रायबरेली डॉक्टर यशवीर सिंह को भी प्रार्थना पत्र भेजकर अपनी पीड़ा से अवगत कराया गया है। साथ ही साथ उनके द्वारा यह भी बताया गया कि क्षेत्राधिकार महाराजगंज प्रदीप कुमार के द्वारा उन्हें आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही उनकी सुरक्षा एवं अन्य समस्याओं का समाधान किया जाएगा।










