अवैध खनन का कारोबार गदागंज थाना प्रभारी व तहसीलदार डलमऊ के संरक्षण में फल फूल रहा है

रायबरेली जिले में इन दिनों खनन माफियाओं का बोलबाला है। शाम ढलते ही खनन माफिया 8 से 10 गुरुगो के साथ प्रतिदिन जेसीबी और ट्रैक्टर ट्राली लेकर निकल पड़ते हैं और रात भर अवैध खनन का काम किया जाता है। आपको बता दें कि गदागंज थाना क्षेत्र के सरदारगंज, अलीपुर चकराई, गौरा, लल्ली की चक्की, बाबा का पुरवा, बरेठ,

Jun 13, 2024 - 13:56
Updated: 2 years ago
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रायबरेली जिले में इन दिनों खनन माफियाओं का बोलबाला है। शाम ढलते ही खनन माफिया 8 से 10 गुरुगो के साथ प्रतिदिन जेसीबी और ट्रैक्टर ट्राली लेकर निकल पड़ते हैं और रात भर अवैध खनन का काम किया जाता है। आपको बता दें कि गदागंज थाना क्षेत्र के सरदारगंज, अलीपुर चकराई, गौरा, लल्ली की चक्की, बाबा का पुरवा, बरेठ, नारे पर की गढ़ी आदि जगह पर धड़ल्ले से किया जाता है। अवैध खनन सूत्रों की माने तो तहसील प्रशासन व थानेदार को जाती है। मोटी रकम क्यू की गदागंज थाना क्षेत्र में दो सौ नंबर की गाड़ी तकरीबन 50 पुलिस वाले मौजूद होते हुए भी गदागंज थाने के सामने से रात भर चलता है। अवैध खनन नोटों की खनखनाहट के आगे नदमस्तक है। पुलिस प्रशासन और तहसील प्रशासन तहसीलदार ध्रुव नारायण यादव के द्वारा आते ही क्षेत्र में बहुत शक्ति बर्ती गई लेकिन सूत्रों की माने तो पैसों की खनखनाहट के आगे नदमस्क हो गया। तहसील प्रशासन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज के सभी वादे पैसो के खनक के आगे बेकार है क्योंकि यहां के अधिकारियों का कहना है कि दादा ना भैया सबसे बड़ा है। रुपैया यहां जो रिपोर्ट लगा कर देंगे वही ऊपर मान्य होगा क्योंकि यहां कोई देखने नहीं आने वाला है। जिले के अधिकारी जिले तक ही सीमित है इसीलिए खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं , क्योंकि कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति कर मामले को रफा दफा कर दिया जाता है। अगर इस पर शासन प्रशासन द्वारा अंकुश ना लगाया गया तो हो सकता है। बड़ा हादसा जिसकी जिम्मेदारी भी शासन प्रशासन की ही होगी। इसलिए रात के अंधेरे में चल रहे काले कारनामों पर अंकुश लगाया जाए।

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