आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती किए गए कॉविड-19 कर्मचारियों को निकाले जाने पर DM को सौपा मांगपत्र

रायबरेली में कोरोना महामारी के दौरान आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती किए गए कॉविड-19 स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना काल खत्म होने के बाद निकाल दिया गया हैं। जिसको लेकर कई वर्षों से स्वास्थ्य कर्मी अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे कोई फ्री अधिकारी सुनने को तैयार नहीं पीड़ितों ने कलेक्ट्रेट परिसर पह

Aug 13, 2024 - 05:18
Updated: 2 years ago
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रायबरेली में कोरोना महामारी के दौरान आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती किए गए कॉविड-19 स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना काल खत्म होने के बाद निकाल दिया गया हैं। जिसको लेकर कई वर्षों से स्वास्थ्य कर्मी अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे कोई फ्री अधिकारी सुनने को तैयार नहीं पीड़ितों ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचकर दर्जन भर कर्मचारियों ने जिला अधिकारी को मांगपत्र सौंपा है। आपको बता दे कि आज दिनांक 12 अगस्त 2024 दिन सोमवार को रायबरेली जनपद के कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए आउटसोर्सिंग के तहत कर्मचारियों ने जिला अधिकारी को मांग पत्र देते हुए बताया कि कोरोना महामारी के दौरान उन्हें आउटसोर्सिंग के माध्यम से संविदा पर रखा गया था। इस दौरान, ओटी टेक्नीशियन, ड्रामा केयर टेक्नीशियन, वार्ड बॉय, वार्ड आया स्वीपर की नियुक्ति कर अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत की गई थी। जिसमें सभी कर्मचारियों ने कोरोना महामारी के दौरान सराहनीय कार्य किया था। जिसके बाद से सभी आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती किए गए स्वास्थ्य कर्मियों को बाहर निकाल दिया गया।जिसके लिए पीड़ितों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई पीड़ितों ने कहा है कि, जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से उनको समायोजन किया जाए जिससे उनकी रोजी-रोटी चल सके।

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