आत्मा और शरीर के बीच संबंध बताती है गीता : योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण

मातृभूमि सेवा मिशन रायबरेली इकाई और कौशल विकास संस्थान रायबरेली के संयुक्त तत्वाधान में गीता जयंती का समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया संस्थान के मुख्य प्रशिक्षक प्रबंधक संजय वर्मा द्वारा कथा व्यास श्री गोपाल शरण महाराज को शॉल और श्रीफल भेंट किया गया। इस अवसर पर संस्थान में उपस्थित युवाओं के समक्ष क

Dec 12, 2024 - 11:58
Updated: 2 years ago
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मातृभूमि सेवा मिशन रायबरेली इकाई और कौशल विकास संस्थान रायबरेली के संयुक्त तत्वाधान में गीता जयंती का समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया

संस्थान के मुख्य प्रशिक्षक प्रबंधक संजय वर्मा द्वारा कथा व्यास श्री गोपाल शरण महाराज को शॉल और श्रीफल भेंट किया गया। इस अवसर पर संस्थान में उपस्थित युवाओं के समक्ष कथा व्यास श्री गोपालशरण जी ने भारतीय युवा पीढ़ी के समग्र विकास में श्रीमद् भागवत गीता का महत्व विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने युवाओं को बताया कि दुर्योधन बलशाली होते हुए भी दुष्ट प्रवृत्ति का था, इस कारण महाभारत का युद्ध हुआ। इससे हमें यह सीख मिलती है की सामर्थ्यवान होने के बावजूद भी अगर हम अन्याय और अधर्म के पक्ष में होंगे तो हमारी पराजय निश्चित है। उन्होंने गीता के श्लोक के माध्यम से युवाओं को बताया कि अगर आप निरंतर अपने कर्म में सच्चे मन से अपने कर्म को करते रहते हैं तो निश्चित ही जीवन में सफलता मिलेगी। उन्होंने बताया कि गीता आपकी आध्यात्मिक मानसिक और सांस्कृतिक चेतना का विकास करती है। अगर आप गीता का अध्ययन करते हैं या सुनते हैं तो यह आपके जीवन के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। कार्यक्रम का संयोजन मातृभूमि सेवा मिशन रायबरेली इकाई के संयोजक प्रदीप पांडेय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संचालन का दायित्व मातृभूमि सेवा संस्थान इकाई रायबरेली के योगाचार्य बृजमोहन ने संभाला। उन्होंने गीतों, श्लोक और अपने भाषण के माध्यम से युवाओं को प्रेरित किया।

वेदांत मिश्रा जो कि कौशल विकास संस्थान में नियुक्त प्रधानाचार्य जी के होनहार बेटे है। कार्यक्रम में आपने अपने ओजस्वी भाषण से, गीतों के माध्यम से पूरे गीता का सार ही समझा दिया।

संस्थान के प्रधानाचार्य योगेंद्र मिश्रा ने कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन श्लोक के माध्यम से युवाओं को गीता का महत्व बताया और कहा कि यदि युवा निरंतर कर्मरत रहकर किसी विषय में दक्षता प्राप्त कर लेते हैं तो सफलता निश्चित ही उनके कदम चूमेगी। आभार ज्ञापित करने के दौरान कौशल विकास संस्थान रायबरेली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजेश मणि त्रिपाठी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि " सांकृतिक विरासत को भुलाकर किसी भी देश का विकास संभव नहीं हो सकता। गीता हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है और इसके उपदेशों का पालन कर हम जीवन को उच्च शिखर तक पहुंचा सकते हैं।" ज्ञात हो कि तेल और गैस सेक्टर की महारत्न कंपनी गेल इंडिया लिमिटेड के नेतृत्व में संचालित कौशल विकास संस्थान रायबरेली न सिर्फ युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है बल्कि उनको रोजगार से जोड़ने के लिए सतत प्रयास कर रहा है। संस्थान में पांच संकायों पाइप फिटर, इंडस्ट्रियल वेल्डर, इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रिशियन, प्रोसेस इंस्ट्रूमेंटेशन तकनीशियन और डोमेस्टिक आईटी हेल्प डेस्क अटेंडेंट कोर्सेज में युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान कर उनको रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे रायबरेली आसपास के जिलों के युवा लाभान्वित हो रहे हैं। कार्यक्रम में शहर के कुछ वरिष्ठ समाज सेवी भी उपस्थित रहे जिनमें रामराज गिरी, महेंद्र अग्रवाल, राजेश सिंह, सन्त कुमार मिश्रा, शैलेन्द्र अग्निहोत्री, रेनू सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य इंद्रराज शुक्ला, अंब्रिश पांडे, उर्मिला देवी, राघवेंद्र पांडे, राम सिंहासन पाण्डेय के साथ अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे और युवाओं को मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में संस्थान के युवाओं ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। इस दौरान संस्थान के प्रशिक्षक प्रशांत मिश्रा, शशि नंदन तिवारी, अंकित पांडे, अनिल कश्यप, शालिनी यादव, रश्मि मिश्रा, प्रीति तिवारी, रोली परिहार, ओमप्रकाश साहनी, आफरीन आदि भी उपस्थित रहे।

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