डॉ यशवीर सिंह बने जिले के नए एसपी जानिए क्या है, इतिहास

क्या चुनौती भरे अपराधों का गढ़ बने जिले को संभाल पाने में होंगे कामयाब रायबरेली के पुलिस अधीक्षक रहे अभिषेक अग्रवाल का यूपी के आगरा में तबादला होने के बाद जनपद के नए पुलिस अधीक्षक डॉक्टर यशवीर सिंह बनाए गए हैं। यशवीर सिंह मूलतः उत्तराखंड के देवभूमि हरिद्वार जिले के रायसी गांव के रहने वाले हैं। जो 20

Sep 10, 2024 - 16:07
Updated: 2 years ago
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रायबरेली के पुलिस अधीक्षक रहे अभिषेक अग्रवाल का यूपी के आगरा में तबादला होने के बाद जनपद के नए पुलिस अधीक्षक डॉक्टर यशवीर सिंह बनाए गए हैं। यशवीर सिंह मूलतः उत्तराखंड के देवभूमि हरिद्वार जिले के रायसी गांव के रहने वाले हैं। जो 2013 बैच के आईपीएस अफसर है। जून 2022 में उन्होंने सोनभद्र जनपद का पहला चार्ज संभाला था। तब से क्राइम कंट्रोल में की गई बड़ी कार्यवाई को लेकर यशवीर सिंह का नाम हमेशा चर्चाओं में रहा, सोनभद्र पुलिस अधीक्षक को तैनाती के दौरान डीजीपी प्रशंसा चिन्ह गोल्ड से भी सम्मानित किया गया है। यशवीर सिंह सबसे तेज तर्राक और युवा पुलिस अधीक्षक के रूप में माने जाते हैं। जानकारी अनुसार बता दे की सोनभद्र में पशु तस्करों और मादक पदार्थ तस्करों पर प्रभावित कार्यवाई की है। इसके परिणाम स्वरूप उन्हें डीजीपी प्रशंसा चिन्ह गोल्ड मिला था। रायबरेली जनपद में नवांगतुक पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह की दूसरी तैनाती है। जो काफी चुनौती भरी हो सकती है। क्योंकि यहां की बिगड़ी कानून व्यवस्था और सत्ता पक्ष का दबाव परेशानी का सबब बन सकता है। यह वही रायबरेली है,जहां के सांसद राहुल गांधी हैं,और एक प्रदेश सरकार के मंत्री भी हैं। यह रायबरेली वैसे तो कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। लेकिन यहां राजनीति पनारो में बहती है। क्योंकि यही से आसपास के जनपदों के लोग राजनीति सीखकर विभिन्न पदों पर पदासीन है। इसी रायबरेली ने उत्तर प्रदेश को एक डीजीपी भी दिया था। रायबरेली में बदहाल पुलिसिंग को कैसे संभाल पाते हैं। यह नवांगतुक पुलिस अधीक्षक के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी।

क्योंकि बीते कई महीनो से रायबरेली में लगातार अपराधिक घटनाएं घट रही हैं। चोरी, लूट, डकैती, दुष्कर्म की वारदातें आम हो गई हैं। जो समस्या है, अभी वर्तमान में भी चल रही है। कई ऐसे हत्याकांड है। लूट कांड है। जिस पर थाना अध्यक्षों ने पुलिस विभाग की किरकिरी करा कर रख दी है। इन्हें घटनाओं की पुलिस टीम में लगातार जांच कर रही है। लेकिन अभी तक किसी भी निर्णय पर नहीं पहुंची है। यही कई सारी चुनौतियां पुलिस अधीक्षक के लिए परेशानी का सभा भी बन सकती है। क्योंकि एक तरफ लखनऊ मुख्यालय से सटे होने के चलते सत्ता पक्ष का भी काफी दबाव रहता है। वहीं दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष व जिले के सांसद राहुल गांधी जब इस रायबरेली की प्रतिनिधित्व कर रहे हो और उसे दौरान पुलिसिंग। काफी कठिनाइयो भारी हो जाती है। अब देखना यह है कि नवांगतुक पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह रायबरेली में भी क्राइम कंट्रोल कर पाने में कामयाब होते हैं या नहीं, या यूं ही एसपी अभिषेक अग्रवाल की तरह दफ्तर में बैठकर केवल कुर्सी का मजा लेंगे।

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