राँची : भारतरत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण जयंती समारोह का आयोजन

झारखंड प्रदेश के राजधानी राँची अंतर्गत धुर्वा के सेक्टर-2 में राष्ट्रगौरव महाराणा प्रताप चौक के नजदीक अवस्थित कार्यालय में भारतरत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर मौजूद गणमान्यों ने सर्वप्रथम भारतरत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण के तैलचित्र के पास दीप प्रज्वलित करने क

Oct 12, 2024 - 05:09
Updated: 2 years ago
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झारखंड प्रदेश के राजधानी राँची अंतर्गत धुर्वा के सेक्टर-2 में राष्ट्रगौरव महाराणा प्रताप चौक के नजदीक अवस्थित कार्यालय में भारतरत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर मौजूद गणमान्यों ने सर्वप्रथम भारतरत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण के तैलचित्र के पास दीप प्रज्वलित करने के पश्चात पुष्प अर्पित कर उन्हें आदरपूर्ण भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। दिन शुक्रवार को अपराह्न में आहूत इस जयंती समारोह में अपने संबोधन के दौरान जेपी जनता दल के प्रदेशाध्यक्ष अनिल मिश्रा ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता भारतरत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जन्म एकीकृत बिहार के सारण जिले के सिताब दियारा में 11 अक्टूबर 1902 को हुआ था। साथ ही श्री मिश्रा ने कहा कि देश में एक ऐसा समय आया कि सत्ता में बैठे लोग स्वयं को सर्वशक्तिमान समझ लोकतंत्र का दमन करते हुए देश में आपातकाल की घोषणा कर दिए तब भारतरत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने सम्पूर्ण क्रांति का आह्वान किया। श्री मिश्रा ने कहा कि लोकनायक कि सम्पूर्ण क्रांति में सात क्रांतियाँ शामिल है— राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक, शैक्षणिक व आध्यात्मिक क्रांति। इन सातों क्रांतियों को मिलाकर सम्पूर्ण क्रान्ति होती है। इस मौके पर मौजूद एकीकृत बिहार के विधान पार्षद रहे स्वर्गीय रामानंद सिंह के सुपौत्र शिक्षाविद प्रो.(डॉ.) धीरज सिंह "सूर्यवंशी" ने 'भारत रत्न' 'लोकनायक' जयप्रकाश नारायण जी की जयंती पर कोटिशः नमन करते हुए कहा कि पाँच जून 1975 को लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने घोषणा की थी—"भ्रष्टाचार मिटाना, बेरोजगारी दूर करना, शिक्षा में क्रांति लाना, आदि ऐसी चीजें हैं जो आज की व्यवस्था से पूरी नहीं हो सकतीं; क्योंकि वे इस व्यवस्था की ही उपज हैं। वे तभी पूरी हो सकती हैं जब सम्पूर्ण व्यवस्था बदल दी जाए और सम्पूर्ण व्यवस्था के परिवर्तन के लिए क्रान्ति, ’सम्पूर्ण क्रान्ति’ आवश्यक है, साथ ही प्रो.(डॉ.) धीरज सिंह "सूर्यवंशी" ने कहा कि सम्पूर्ण क्रांति की तपिश इतनी भयानक थी कि केन्द्र में कांग्रेस को सत्ता से हाथ धोना पड़ गया था। एकीकृत बिहार से उठी सम्पूर्ण क्रांति की चिंगारी देश के कोने-कोने में आग बनकर भड़क उठी थी। जे॰ पी॰ के नाम से मशहूर जयप्रकाश नारायण घर-घर में क्रांति का पर्याय बन चुके थे। अंत में प्रो.(डॉ.) धीरज सिंह "सूर्यवंशी" ने कहा कि 'भारत रत्न' 'लोकनायक' जयप्रकाश नारायण का व्यक्तित्व हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। 'भारत रत्न' 'लोकनायक' जयप्रकाश नारायण जयंती समारोह की अध्यक्षता जेपी जनता दल के प्रदेशाध्यक्ष अनिल मिश्रा ने की तो वहीं संचालन प्रो.(डॉ.) धीरज सिंह "सूर्यवंशी" ने की। इस मौके पर जयंती समारोह में मनोज शर्मा, सनी सिंह राजपूत, शैलेश तिवारी, आरके सिंह, विजय सक्सेना, दिलीप मंडल, अश्विनी कुमार उर्फ (जट्टू), दिवाकर सिंह, सुनील पांडे, दीपक गुप्ता, प्रकाश गुप्ता, आयुष कुमार, अभिनव मिश्रा, बबलू मुंडा, संतोष साहू, संतु तिर्की आदि सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे।

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