रांची : अटल विचार मंच नाम के एक राजनैतिक दिशा दिया यशवंत सिन्हा द्वारा

हमारे कई साथियों ने तथा मैंने मिलकर अभी हाल में अटल विचार मंच नाम के एक राजनैतिक दिशा दिया है। इस राजनैतिक दल का उद्देस्य भ्रष्टाचार में अटल विचार मच के नाम से सुचिता और ईमानदारी की ओर ले जाना है। ईमानदारी का सबसे बड़ा उदाहरण इस देश इस देश को किया गया जब अटल जी की सरकार अनैतिक दल का गठन लोकसभा में ए

Nov 02, 2024 - 12:01
Updated: 2 years ago
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हमारे कई साथियों ने तथा मैंने मिलकर अभी हाल में अटल विचार मंच नाम के एक राजनैतिक दिशा दिया है। इस राजनैतिक दल का उद्देस्य भ्रष्टाचार में अटल विचार मच के नाम से सुचिता और ईमानदारी की ओर ले जाना है। ईमानदारी का सबसे बड़ा उदाहरण इस देश इस देश को किया गया जब अटल जी की सरकार अनैतिक दल का गठन लोकसभा में एक वोट से हार गई थी। तब अटल जी ने कहा था तब पेम्ही सजी हुई थी, मंडी में माल भी था, माल बिकाऊ भी था पर हमने खरीदना उचित नहीं समक्षा भारत के राजनैतिक इतिहास में ईमानदारी का इससे बड़ा कमूना मिलना कठिन है। अटल जी की सरकार में जितने काम हुए वह आज भी याद किए जाते हैं। सबसे बड़ा काम जो अटल जी की सरकार में हुआ वह था, झारखंड अलग राज्य का निर्माण। झारखंड को अलग राज्य बने हुए 24 साल हो गए पर क्या अटल जी के सपनों का झारखंड बन पाया? अटल जी सुशासन के कायल थे और इसीलिए 25 दिसंबर जो उनका जन्मदिन है उस दिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। अटल विचार मंच झारखंड में सुशासन स्थापित करने के लिए बनाया गया है।

भाजपा अब एक बदली हुई पार्टी है। पार्टी में लोकसभा और विधानसभा की सीटें उसको दी जाती है जो सबसे ऊंची बोली लगाता है। केन्द्र सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है और इलेक्टोरल बॉन्ड उसका सबसे बड़ा उदाहरण है। गोदी मीडिया के सहारे सरकार अपने कुकर्मों में को छुपाती है। मीडिया विपक्ष से सवाल पूछता है पर सरकार से नहीं। देश में खौफ का वातावरण है। सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग चरम पर है। भाजपा और उसकी सरकार उसी समय तक ईमानदार है जब तक वह सरकार में है। जिस दिन उसके हाथ से सत्ता जाएगी उस दिन इसके काले कारनामों का पर्दाफाश होगा और पता नहीं कितने बड़े-बड़े लोग जेल जाएंगे। यह अब हम लोगों की भाजपा नहीं है। असल भाजपा अटल विचार मंच ही है। आज झारखंड में प्राकृतिक साधनों के गलत दोहन की वजह से अपराधीकरण एवं भ्रष्टाचार चरम पर है। यह एक गंभीर एवं चिंतनीय का विषय है। झारखंड में सुशासन स्थापित करने के लिए सबसे पहले अपराध और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण स्थापित करना होगा। प्राकृतिक संसाधनो के इस्तेमाल के लिए सही नीति बनानी पड़ेगी। अटल विचार मंच रेबड़ी कल्चर का विरोधी है। मौलिक बात हर हाथ को काम उपलब्ध कराना है जब सब कोई कमाने लगेगा तो मुफ्त के रेबड़ी बांटने की आवश्यकता पड़ेगी ही नहीं।

झारखंड विधानसभा के चुनाव में अटल विचार मंच ने भी उम्मीदवार खड़े किए हैं। सूची संलग्न झारखंड की जनता से अपील है कि इन वह इन उम्मीदवारों को अपना समर्थन देकर विजयी बनाएं।

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