रायबरेली के विभिन्न सामाजिक संगठनो के पदाधिकारियो एंव उनके सैकड़ों अनुयाइयों ने बाबा साहब डॉ0 भीम राव अम्बेडकर जी के 68 वें महापरिनिर्वान दिवस पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर किया याद

बाबा साहब डॉ0 बी.आर. अम्बेडकर जन्मोत्सव संयुक्त समिति रायबरेली के द्वारा आयोजित, बाबा साहब डॉ0 भीम राव अम्बेडकर जी के 68 वें महा परिनिर्वान दिवस पर रायबरेली के विभिन्न सामाजिक संगठनो के पदाधिकारियो एंव उनके सैकड़ों अनुयाइयों ने  बाबा साहब डॉ0 अम्बेडकर प्रतिमा स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर सामाजि

Dec 07, 2024 - 08:59
Updated: 2 years ago
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बाबा साहब डॉ0 बी.आर. अम्बेडकर जन्मोत्सव संयुक्त समिति रायबरेली के द्वारा आयोजित, बाबा साहब डॉ0 भीम राव अम्बेडकर जी के 68 वें महा परिनिर्वान दिवस पर रायबरेली के विभिन्न सामाजिक संगठनो के पदाधिकारियो एंव उनके सैकड़ों अनुयाइयों ने  बाबा साहब डॉ0 अम्बेडकर प्रतिमा स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर सामाजिक उनके जीवन और संघर्ष एंव देश और समाज में दी गई उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और उनकी अन्तिम सांस की इच्छा बौद्धमय भारत बनाने के लिए संकल्पित हुए।
पुष्पांजलि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ बहुजन कैडर के छोटे लाल गौतम एंव संचालन नीरज रावत के साथ राजेश कुरील ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से इंजीo एस के आर्या, चिरंजीव लाल, विजय विद्रोही, उदयभान, प्रेम लाल मौर्या, एडo एस एन मानव, विमल किशोर सबरा, निशा बौद्ध, माया आर्या, रोहित चौधरी ने बाबा साहब के जीवन, महापरिनिर्वान उनके संघर्षों और उनके योगदान पर तफसील से विचार साझा किया।जिसमें यह बताना भी नहीं भूले कि भारत का ही नहीं वरन दुनिया का सबसे बेहतरीन आईन लिखा और यदि उसकी महत्ता देखनी और समझनी हैं तो देश और दुनिया के  मुल्कों में लिखे गए संविधान को देख कर समझा जा सकता है। की कैसे कुछ समयांतराल में ही देशों का तख्तापलट होता है और संविधान की धज्जियां उड़ाई गई। पर सन 1950 से प्रभावी संविधान आज भी दुनिया का सबसे कठोरतम के साथ सबसे लचीला बनाए जाने की खुबसूरती यह रही है कि वह आज भी गतिमान हैं।
   
भारत में जब नारीवाद का कहीं जिक्र तक नहीं आता तब बाबा साहेब के द्वारा देश की आधी आबादी के लिए हिन्दू कोड बिल जैसा मसविदा प्रभावी कराना चाहते थे।
सबसे कम समय में कोलंबिया से पीएचडी की मानद उपाधि ग्रहण करने वाले बाबा साहेब ही थे। जिन्होंने जबसे कलम को पकड़ा वह दुनिया में सामाजिक न्याय के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे। ऐसे अनगिनत वाक्यों से वक्ताओं ने साझा किया। कार्यक्रम में अनिलकांत, सूबेदार हरि प्रसाद शास्त्री, चन्द्र शेखर बौद्ध,राम देव कुरील, सतेश गौतम, आशाराम रावत, उपेन्द्र कुमार, एम आर गौतम, ललित कुमार, शुभम् चौधरी, शिवानी गौतम, मनोज कुमार, डॉo अशोक कुमार गौतम, अरविन्द गौतम, श्याम लाल, राम विलास लोधी, गंगा सागर पासी, ब्रजेश कुमार टंडन, रत्नेश कुमार, मालती, मोo मोबिन, हलीम महमूद, मुहम्मद अहसन खान, अनिल कुमार राम गोपाल, इरफान अहमद, सरिता गौतम, सविता गौतम, निशा बौद्ध, विद्या, गया प्रसाद, टी आर गौतम, रीता सिंह, डॉo शाक्य , सन्तोष बौद्ध अंशू, राम लखन हरिकेश कित्याभा, अनुज सागर, रामेश्वर भारती, प्रेम चन्द्र भारती, मंगल प्रसाद बौद्धाचार्य, छगा लाल आदि सैकड़ों लोगों ने पुष्पा अर्पित कर बाबा साहब की अंतिम सांस की इच्छा बौद्धमय भारत बनाने का  लिया संकल्प।

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Comments (1)

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Himanshu Sinha
Himanshu Sinha 2 years ago
Nice