राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु आज पद्मश्री पुरस्कार से डा बी के जैन को करेगी सम्मानित

अंधत्व निवारण के क्षेत्र में 50 वर्षों के सेवाकार्य के लिए मिला सम्मान चित्रकूट : परमहँस संत श्री रणछोड़दास जी महाराज के कर-कमलों से चित्रकूट के जानकीकुण्ड में स्थापित अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध संस्थान सदगुरु नेत्र चिकित्सालय के निदेशक एवं ट्रस्टी डॉ.बी.के.जैन को अंधत्व निवारण के क्षेत्र में पांच

May 27, 2025 - 14:49
Updated: 1 year ago
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अंधत्व निवारण के क्षेत्र में 50 वर्षों के सेवाकार्य के लिए मिला सम्मान

चित्रकूट : परमहँस संत श्री रणछोड़दास जी महाराज के कर-कमलों से चित्रकूट के जानकीकुण्ड में स्थापित अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध संस्थान सदगुरु नेत्र चिकित्सालय के निदेशक एवं ट्रस्टी डॉ.बी.के.जैन को अंधत्व निवारण के क्षेत्र में पांच दशकों के अभूतपूर्व योगदान के लिए भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित किया था। जिसका इंतजार सभी चित्रकूट क्षेत्रवासियों का बेसब्री से इंतजार था। आज जो सभी चित्रकूट क्षेत्र वासियों, उनके शुभ चिंतकों आम जनमानस सभी गुरु भाई बहनों के लिए खुशी और गौरांवित करने वाल पल आ गया है। आज शाम 6 बजे राष्ट्रपति भवन में में देश की महामहिम राष्ट्रपति महोदय श्री मति द्रोपदी मुर्मु डॉ जैन को पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित करेंगी। यह पुरस्कार उन्हें चिकित्सा के क्षेत्र में व्यक्तिगत कार्य एवं योगदान के लिए दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि, डॉ.बी.के जैन ने 70 के दशक के आरम्भ में चित्रकूट आकर अपनी सेवाएं देनी आरम्भ की थी, उनके परिश्रम और दूरदर्शिता के कारण आज सदगुरु नेत्र चिकित्सालय ने अंतर्राष्ट्रीय ख्याति अर्जित की एवं आज विश्व के श्रेष्ठ नेत्र चिकित्सकीय संस्थानों में इसकी गिनती होती है। डॉ.जैन के निर्देशन में प्रतिवर्ष 1.55 लाख से अधिक सफल नेत्र ओपरेशन अत्याधुनिक मशीनों द्वारा विश्व के सबसे बड़े ओफ्थाल्मिक मोड्यूलर ओपरेशन थियेटर में संपन्न होते हैं एवं 17 लाख से अधिक लोगों तक नेत्र चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलब्ध करायी जाती है। डॉ. जैन के निर्देशन में चिकित्सालय द्वारा मप्र एवं उप्र के विभिन्न जनपदों में 130 प्राथमिक नेत्र जांच केन्द्र भी संचालित हैं एवं प्रतिवर्ष 4500 से अधिक सामुदायिक नेत्र शिविरों का आयोजन किया जाता है, जिसके माध्यम से लाखों-लाखों लोगो तक नेत्र सेवाएं उपलब्ध करायी जाती है।

एक विशेष उपलब्धि के रूप में डॉ.जैन को सर्वप्रथम पांच जिलों को मोतियाबिंद बैकलाग रहित क्षेत्र बनाने का भी श्रेय जाता है। उनके कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सदगुरु नेत्र चिकित्सालय ने पन्ना, सतना, बाँदा, हमीरपुर और फतेहपुर इन पांच जिलों को एक विशेष अभियान चलाकर घर-घर नेत्र परीक्षण करवाया गया एवं मोतियाबिंद के चिन्हित रोगियों को सर्जरी कर नवीन रौशनी प्रदान की गयी। इस प्रकार सघन स्क्रीनिंग प्रोग्राम के कारण इन सभी जिलों को नियत समय के अन्दर मोतियाबिंद बैकलाग रहित क्षेत्र बनाया गया।

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