विस्थापित संघर्ष समन्वय समिति नें आंदोलन का फूंका बिगुल

बेरमो कोयलांचल में सीसीएल का 6 जनवरी 2025 से होगा बेमियादी चक्काजाम रिपोर्ट : अविनाश कुमार विस्थापित संघर्ष समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को करगली में कई आंदोलनात्मक निर्णयों के साथ संपन्न हुई। बैठक महान स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बॉस और भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद की

Dec 04, 2024 - 06:44
Updated: 2 years ago
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रिपोर्ट : अविनाश कुमार

विस्थापित संघर्ष समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को करगली में कई आंदोलनात्मक निर्णयों के साथ संपन्न हुई। बैठक महान स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बॉस और भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद की जयंती पर सम्मान प्रकट करने के साथ शूरू हुई। वक्ताओं नें कोयला मंत्रालय द्वारा कोयला धारक क्षेत्र "अधिग्रहण और विकास" संशोधन विधेयक, 2024 के मसौदे पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं नें कहा कि सीबी एक्ट में संशोधन कर विस्थापितों के अधिकारों पर तुषारापात करने की योजना बनाई जा रही है। इस संशोधन के खिलाफ कोयला मंत्रालय और प्रधानमंत्री को आपति पत्र प्रेषित करने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं नें कहा कि सीसीएल प्रबंधन द्वारा विस्थापितों के साथ लगातार वादाखिलाफी किये जाने से विस्थापितों में गुस्सा और आक्रोश व्याप्त है। सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर नए वर्ष में 6 जनवरी 2025 से बेरमो कोयलांचल में स्थित सीसीएल के तीनों प्रक्षेत्रों का अनिश्चितकालीन चक्काजाम आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। इससे पूर्व 26 दिसंबर को करगली महिला मंडल में विस्थापितों का विशाल सेमिनार कर व्यापक आंदोलनात्मक रणनीति बनाई जाएगी। नेताओं नें कहा कि पच्चास वर्षों से यहाँ के विस्थापित नौकरी मुआवजा पुनर्वास समेत अन्य अधिकारों को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं, लेकिन सीसीएल प्रबंधन विस्थापितों के साथ लगातार छल प्रपंच करते रही है। समिति के साथ प्रबंधन की हुई अनेकों वार्ता समझौता के बिंदुओं को लागू नहीं किया गया। जिससे विस्थापितों में भारी विक्षोभ व्याप्त है.नेताओं नें कहा कि सीसीएल प्रबंधन विस्थापितों की समस्याओं के प्रति थोड़ा भी गंभीर है, तो वह विस्थापितों का बकाया नौकरी अविलंब दें और वर्तमान बाजार दर के चार गुणा की दर से मुआवजा का भुगतान करें. नेताओं नें विस्थापित परिवारों के साथ हो रही ज्यादतियों को प्रमाणित करते हुए कहा कि सीसीएल यहाँ के भू विस्थापितों को आउटसोर्स में भी रोजगार देने के लिए तैयार नहीं है। नेताओं नें रेलवे रैक में पेलोडर से लोडिंग बंदकर मेनुअल लोडिंग चालू करने की मांग को जायज ठहराते कहा कि ठेकेदार का एक पेलोडर ने हजारों लोगों का रोजगार छीन रखा है, रेलवे रैक लोडिंग में पेलोडर बंदकर हैंड लोडिंग चालू करें तो हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध हो जाएगा। लेकिन प्रबंधन और कोयला माफिया अपनी लूट को बरकरार बनाये रखने के लिए मेनुअल लोडिंग चालू नहीं होने देना चाहता है। रेलवे रैक लोडिंग में बड़ा घोटाला और बड़ी लूट जारी है। ठेकेदार अधिकारी और रंगबाज सभी आपस में घोटाले के रुपऐ का बंदरबांट करते हैं। कहा कि सीसीएल अधिकारियों को नहीं भूलना चाहिए कि आज कोल इंडिया महारत्न कंपनी यदि बना है, तो यहाँ के भू विस्थापितों के पुशतैनी जमीन ही बुनियाद है। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष लखनलाल महतो और संचालन महासचिव काशीनाथ केवट नें किया। जबकि समिति के कार्यकारी अध्यक्ष विनोद महतो समेत लालमोहन यादव, अशोक महतो, कैलाश महतो, त्रिलोकी सिंह, लालमोहन महतो, चुनिलाल केवट, मंटू गिरी, राजेश गुप्ता आदि नें विचार रखा।

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