समाज कल्याण विभाग अंतर्गत पोषण पखवाड़ा के तहत समाहरणालय में कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन, जिले के सभी प्रखंड से सहायिका ने भाग लिया

● पोषण पखवाड़ा के माध्यम से विभाग का उद्देश्य समुदाय को स्वस्थ आहार, संतुलित पोषण एवं पोषण साक्षरता के प्रति संवेदनशील बनाना है, जिससे कुपोषण की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके : उपायुक्त ● पोषण अभियान योजना का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन संचार तथा सामुदायिक भागीदारी रणनीतियों

Apr 19, 2025 - 13:35
Updated: 1 year ago
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पोषण पखवाड़ा के माध्यम से विभाग का उद्देश्य समुदाय को स्वस्थ आहार, संतुलित पोषण एवं पोषण साक्षरता के प्रति संवेदनशील बनाना है, जिससे कुपोषण की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके : उपायुक्त

पोषण अभियान योजना का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन संचार तथा सामुदायिक भागीदारी रणनीतियों के माध्यम से जन-समुदाय के पोषण स्तर में सुधार किया जाना है : उपायुक्त

गिरिडीह : समाज कल्याण विभाग अंतर्गत पोषण पखवाड़ा के तहत समाहरणालय में कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के सभी प्रखंड से सहायिका ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि उपायुक्त, श्री नमन प्रियेश लकड़ा ने किया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मौसमी सब्जियां, दलहन, मोटा अनाज (मिलेट्स) सहित अन्य पारंपरिक खाद्य पदार्थों का उपयोग कर पौष्टिक तथा स्वास्थ्य वर्धक व्यंजन तैयार किए गए। इस अवसर पर विशेष रूप से मोटे अनाज के उपयोग को बढ़ावा दिया गया, जिसमें रागी, बाजरा, ज्वार आदि शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने किया। मौके पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मोटे अनाज में उपलब्ध पोषक तत्वों की जानकारी दी गई तथा उनके स्वास्थ्य लाभ के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। यह पहल कुपोषण की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पोषण पखवाड़ा के माध्यम से विभाग का उद्देश्य समुदाय को स्वस्थ आहार, संतुलित पोषण एवं पोषण साक्षरता के प्रति संवेदनशील बनाना है, जिससे कुपोषण की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान योजना का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन संचार तथा सामुदायिक भागीदारी रणनीतियों के माध्यम से जन-समुदाय के पोषण स्तर में सुधार किया जाना है। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों की वृद्धि निगरानी, जीवन के पहले 1000 दिनों के महत्व पर चर्चा, समुदाय आधारित कुपोषण प्रबंधन, बच्चों में मोटापा के नियंत्रण हेतु स्वस्थ जीवन शैली को अपनाना जैसे विषयों पर जागरूकता लाना है। उपायुक्त ने बताया कि इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के पश्चात तीन परियोजनाओं को पुरस्कृत किया गया है। जिनसे प्रथम स्थान गांवा, द्वितीय स्थान डुमरी तथा तीसरा स्थान बिरनी को मिला है। आगे उपायुक्त ने समाज कल्याण विभाग के पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करते हुए अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा जिला को कुपोषण मुक्त करने की दिशा में कार्य करना है। इसके लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों में शत-प्रतिशत बच्चो की उपस्थिति तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध करायें। इसके अलावा सभी को पोषण पखवाड़ा शपथ दिलाई गई।

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