सलेथू ग्राम में फैले भ्रष्टाचार पर नवयुवक ने पकड़ा 63 लाख का घोटाला, खोली पोल, डीएम से की शिकायत

रायबरेली में उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी व कर्मचारी मखौल उड़ा रहे हैं। केंद्र सरकार व राज्य सरकार की योजनाओं में इस कदर भ्रष्टाचार किया जा रहा है की आप भी सुनकर दंग रह जाएंगे इस पूरे भ्रष्टाचार की एक नवयुवक ने पोल खोलकर रख दी है। एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार

Aug 08, 2024 - 14:15
Updated: 2 years ago
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रायबरेली में उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी व कर्मचारी मखौल उड़ा रहे हैं। केंद्र सरकार व राज्य सरकार की योजनाओं में इस कदर भ्रष्टाचार किया जा रहा है की आप भी सुनकर दंग रह जाएंगे इस पूरे भ्रष्टाचार की एक नवयुवक ने पोल खोलकर रख दी है। एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार आमजनमानस के लिए लाखों करोड़ों रुपए फूंक रही हैं कि उन्हें बेहतर सुविधा मिले, लेकिन जनपदों में बैठे अधिकारी व कर्मचारी सुविधा देने के नाम पर अपनी जेबें में भर रहे हैं। मामला रायबरेली जनपद के महाराजगंज तहसील क्षेत्र के ब्लाक महाराजगंज के आने वाले ग्राम पंचायत सलेथू का है। यहां के रहने वाले रंजीत कुमार ने ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी की मिली भगत से ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का पैसा बिना कार्य कराए ही निकाल कर खर्च कर दिया गया। जिस पर किसी भी अधिकारी का ध्यान भ्रष्टाचार की ओर नहीं जा रहा है। बीते 3 सालों में लगभग 63 लाख 31502 रुपए का घोटाला किए जाने का मामला पकड़ में आया है। युवक ने प्रधान व सचिव पर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय में पहुंचकर शिकायत की हैं। गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2020 और 21 में केंद्रवित्त में 1150221 रुपए राज्यवित्त से 345548 रुपए का भुगतान किया गया दोनों खाता मिलाकर लगभग 1454759 रुपए निकल गया। जिसमें लगभग 5 लाख रुपए का ही कार्य धरातल पर कराए जाने की बात कही गई बाकी पैसों का बंदरबांट हुआ है।

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वहीं वित्तीय वर्ष 2021-22 में केंद्रवित्त से 1638029 रुपए तथा राज्यवित्त से 1343648 रुपए का भुगतान किया गया दोनों खाता मिलकर 2947487 रुपए निकाला गया, जिसमें से लगभग 15 लख रुपए का ही कार्य किया गया बाकी पैसे की बंदरबांट हुई, वर्ष 2022-23 में 1238352 केंद्रीवित्त से वहीं राज्यवित्त से 58120 का भुगतान किया गया जिसमें से 18 लाख रुपए निकाला गया 7 लाख ₹20000 का ही धरातल पर कार्य कराया गया इसी तरह वर्ष 2023 से 24 केंद्र वित्त से 1566740 रुपए राज्य वित्त से 18 लाख 87754 रुपए का भुगतान किया गया दोनों खाता मिलकर 34 लाख 54494 लख रुपए निकाले गए जिसमें से लगभग 1150000 का धरातल पर कार्य कराया गया बाकी पैसे का बंदरबांट हुआ हैं। वित्तीय वर्ष 2024 से 25 में केंद्रवित्त से 477214 रुपए राज्यवित्त से 62866 रुपए का भुगतान किया गया। जिसमें से ₹500000 का ही कार्य कराया गया ऐसे अन्य कई साक्ष्यों को लेकर जिला अधिकारी को शिकायती पत्र दिया गया है और मामले में जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। नवयुवक द्वारा ग्राम प्रधान की भ्रष्टाचार खोले जाने पर ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है।

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