सांसद के बयान पर हो रहा बवाल, राणा सांगा को लेकर की गई टिप्पणी पर मथुरा में कोर्ट में याचिका दायर

मथुरा : समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा वीर शिरोमणि महाराणा सांगा पर की गई विवादित टिप्पणी अब एक कानूनी लड़ाई का रूप ले चुकी है। उनके बयान के खिलाफ वृंदावन के प्रसिद्ध कथा वाचक कौशल किशोर ठाकुर ने मथुरा की एम पी-एम एल ए कोर्ट में एक आपराधिक याचिका दाखिल की है। याचिका में

Apr 19, 2025 - 07:15
Updated: 1 year ago
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मथुरा : समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा वीर शिरोमणि महाराणा सांगा पर की गई विवादित टिप्पणी अब एक कानूनी लड़ाई का रूप ले चुकी है। उनके बयान के खिलाफ वृंदावन के प्रसिद्ध कथा वाचक कौशल किशोर ठाकुर ने मथुरा की एम पी-एम एल ए कोर्ट में एक आपराधिक याचिका दाखिल की है। याचिका में मांग की गई है कि रामजीलाल सुमन के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के लिए मुकदमा दर्ज किया जाए।

यह मामला तेजी से तूल पकड़ रहा है, खासकर राजपूत समाज और राणा सांगा के अनुयायियों के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कौशल किशोर ठाकुर ने अपने अधिवक्ता ठाकुर किशन सिंह के माध्यम से याचिका दायर करते हुए कहा है कि राणा सांगा भारतीय इतिहास के गौरवशाली योद्धा रहे हैं और उनके खिलाफ की गई कोई भी टिप्पणी देश की वीरता और संस्कृति का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद द्वारा दिया गया बयान समाज में सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने वाला है और इससे जनभावनाएं आहत हुई हैं।

इस याचिका पर सुनवाई के लिए शुक्रवार, 12 अप्रैल को तारीख तय की गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते उस दिन गवाही नहीं हो सकी। अब अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 12 मई निर्धारित की है। गवाही के दौरान याचिकाकर्ता और उनके अधिवक्ता अदालत में उपस्थित रहेंगे और अपने पक्ष को मजबूती से प्रस्तुत करेंगे।

गौरतलब है कि रामजीलाल सुमन का एक बयान हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने राणा सांगा को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की थी। इस बयान को लेकर राजपूत समाज में भारी रोष है और देशभर में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कई संगठनों ने भी सांसद से माफी की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही माफी नहीं मांगी गई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि यह मामला केवल एक बयान का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अस्मिता और ऐतिहासिक गौरव से जुड़ा हुआ है। अब देखना यह है कि 12 मई को कोर्ट में क्या रुख अपनाया जाता है और यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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