विकास प्राधिकरण और नगर पालिका की उदासीनता के चलते पार्क बदहाली के कगार पर

  • मातृभूमि सेवा मिशन इकाई की मांग पर डीएम ने विकास प्राधिकरण को दिए थे निर्देश, प्राधिकरण के अभियंता ने खड़े कर दिए हांथ

रायबरेली शहर स्थित जिले का ऐतिहासिक राणा बेनी माधव बक्श सिंह पार्क, जो कभी शहर के निवासियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र था, अब बदहाली का शिकार हो गया है। क्योंकि यहाँ अतिक्रमण के साथ उस पर एक पेड़ बेचने वाले ने कब्जा कर लिया है। बता दें कि इस पार्क का नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण तत्कालीन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘ नंदी ‘ ने बीती 30 नवंबर 2018 को किया था, लेकिन आज यह पार्क अपनी दुर्दशा के कारण चर्चा में है। मातृभूमि सेवा मिशन इकाई के प्रतिनिधि मंडल ने दो दिन पहले जिलाधिकारी हर्षिता माथुर से मुलाकात कर पार्क में व्याप्त समस्याओं के निराकरण की मांग की थी। पार्क में सबमर्सिबल बोरिंग खराब होने से पेड़ पौधों, वृक्षों की सिंचाई का घोर संकट उत्पन्न हो गया है। पीने के पानी का संकट है और टॉयलेट में भी एक बूंद पानी नहीं है। महीनों से सफाई कर्मी गायब हैं। पार्क में सुबह तड़के प्रकाश व्यवस्था नहीं रहती जिससे वॉकिंग करने के लिए महिलाएं, युवतियां में सुरक्षा का भय बना रहता है।

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इसके अलावा भी छोटी से बड़ी समस्याएं व्याप्त हैं। लेकिन इन सब के बावजूद विकास प्राधिकरण के जिम्मेदारों ने इस पार्क की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया है। अभियंता अशोक कुमार मिश्रा का कहना है कि पार्क की देखरेख के लिए विकास प्राधिकरण के पास कोई फंड नहीं है और यह काम नगर पालिका परिषद का है। विकास प्राधिकरण और नगर पालिका परिषद के बीच जिम्मेदारी की अनिश्चितता देखरेख और रखरखाव के लिए फंड की अधिकारियों की उदासीनता और अनदेखी । मातृभूमि सेवा मिशन इकाई के प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी से पार्क की समस्याओं के निराकरण की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पार्क की बदहाली को कैसे रोका जाता है। पार्क की साफ सफाई न होने से नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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