देवरिया: महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की पानी टंकी में युवक का सड़ शव मिलने से हड़कंप, हत्या की आशंका, मरीजों में दहशत

देवरिया : उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में स्थित महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के पानी की टंकी में एक अज्ञात युवक का सड़ चुका शव मिलने से पूरे संस्थान में हड़कंप मच गया है। यह घटना मेडिकल कॉलेज प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर करती है, जहां पिछले कई दिनों से पानी में बदबू की शिकायतें आ रही थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। मरीजों और स्टाफ के बीच दहशत फैल गई है, क्योंकि यही पानी टंकी पूरे कॉलेज के वार्डों, ओपीडी, प्रशासनिक भवनों और मरीजों के पीने के लिए इस्तेमाल हो रही थी।

घटना की जानकारी मिलते ही थाना कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि टंकी में मिला शव पूरी तरह सड़-गल चुका था, जिसकी शिनाख्त अभी तक नहीं हो सकी है। माना जा रहा है कि युवक की हत्या कर उसका शव टंकी में फेंक दिया गया, ताकि साक्ष्य नष्ट हो जाएं। कॉलेज के पांचवीं मंजिल पर स्थित यह पानी की टंकी कॉलेज के सभी हिस्सों में जलापूर्ति का मुख्य स्रोत है। यहां भर्ती सैकड़ों मरीजों समेत स्टाफ और आगंतुक इस पानी का उपयोग पीने, नहाने और अन्य कार्यों के लिए करते हैं। बदबू की शिकायतें पिछले एक सप्ताह से लगातार आ रही थीं, लेकिन प्रशासन ने इसे हल्के में लिया और कोई जांच नहीं कराई।

बदबू की शिकायतों से शुरू हुई दहशत भरी कहानी

मेडिकल कॉलेज के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों ने पिछले कई दिनों से पानी में असहनीय बदबू की शिकायत दर्ज कराई थी। एक मरीज ने बताया, “पानी पीने लायक नहीं था, लेकिन स्टाफ कहता था कि यह सामान्य है। कल रात से बदबू इतनी तेज हो गई कि सांस लेना मुश्किल हो गया।” ओपीडी में भी यही पानी सप्लाई होता है, जहां रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं। कॉलेज प्रांगण में बदबू फैलने के बाद अफरा-तफरी मच गई। मरीजों के परिजनों ने हंगामा किया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

पुलिस टीम ने टंकी की जांच की तो अंदर एक युवक का शव तैरता मिला। शव की हालत इतनी खराब थी कि आसपास के लोग दृश्य देखकर उल्टी कर रहे थे। फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया, जो घटनास्थल पर साक्ष्य संग्रह कर रही है। प्रारंभिक जांच में टंकी के आसपास कोई संघर्ष के निशान नहीं मिले, लेकिन शव के सड़न की स्थिति से अनुमान लगाया जा रहा है कि यह कम से कम 7-10 दिनों पुराना है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

प्रशासन की लापरवाही पर सवाल

घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आई है। न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही कोई बयान जारी किया गया। एक वरिष्ठ डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “शिकायतें ऊपर तक पहुंची थीं, लेकिन प्राचार्य साहब ने कहा कि यह मौसमी समस्या है। अब साबित हो गया कि जान जोखिम में थी।” स्वास्थ्य विभाग ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने भी कॉलेज को नोटिस भेजा है और वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। फिलहाल, कॉलेज में बोतलबंद पानी की व्यवस्था की गई है।

इस घटना ने मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पानी की टंकी की नियमित जांच अनिवार्य होनी चाहिए, खासकर ऐसी संस्थाओं में जहां सैकड़ों जिंदगियां दांव पर लगी होती हैं। यदि समय रहते जांच हो जाती, तो यह सनसनीखेज घटना टल सकती थी।

पुलिस का बयान

क्षेत्राधिकारी संजय कुमार रेड्डी ने बताया, “शव की शिनाख्त के लिए फिंगरप्रिंट और डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं। हत्या की आशंका मजबूत है, क्योंकि शव को जानबूझकर टंकी में डाला गया लगता है। हमारी टीमें आसपास के इलाकों में लापता युवकों की जानकारी इकट्ठा कर रही हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।” पुलिस ने मामला हत्या का दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन आदि से सुराग ढूंढ रही है।

यह घटना देवरिया जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर मरीजों और स्थानीय लोगों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया है। स्वास्थ्य मंत्री ने भी मामले को संज्ञान में ले लिया है और उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी लापता युवक की जानकारी हो तो थाने में संपर्क करें।

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