बिहार चुनाव 2025 : दूसरे चरण का प्रचार थमा, 122 सीटों पर 11 नवंबर को होगी वोटिंग

बिहार चुनाव 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण के लिए चला तूफानी प्रचार अभियान रविवार शाम को समाप्त हो गया। इसके साथ ही राज्य में करीब एक महीने से चल रही राजनीतिक सरगर्मी पर विराम लग गया है। अब सभी की निगाहें 11 नवंबर को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जब 122 विधानसभा सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

यह चरण राज्य में अगली सरकार के गठन के लिए निर्णायक साबित होगा। इस चरण के मतदान के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बिहार की सत्ता पर कौन काबिज होगा। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, मतदान समाप्त होने के 48 घंटे पहले प्रचार पर रोक लग जाती है, जिसे ‘साइलेंट पीरियड’ कहा जाता है।

आखिरी दिन दिग्गजों ने झोंकी पूरी ताकत

प्रचार के अंतिम दिन, सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। एनडीए गठबंधन और महागठबंधन के शीर्ष नेताओं ने मतदाताओं को लुभाने के लिए ताबड़तोड़ रैलियां और रोड शो किए। आखिरी क्षणों तक, नेताओं ने विकास, रोजगार, और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर एक-दूसरे पर तीखे हमले किए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी देर शाम तक पार्टियों का प्रचार अभियान चलता रहा।

अब घर-घर जाकर साधेंगे संपर्क

सार्वजनिक प्रचार थमने के बाद अब उम्मीदवार और उनके समर्थक अगले 48 घंटों तक घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क साधेंगे। इस दौरान किसी भी तरह के लाउडस्पीकर या सार्वजनिक सभा की अनुमति नहीं होगी। प्रत्याशी अपनी टीमों के साथ व्यक्तिगत रूप से मतदाताओं से मिलकर अपने पक्ष में वोट करने की अंतिम अपील करेंगे। इसे चुनाव जीतने के लिए अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण रणनीति माना जाता है।

122 सीटों का समीकरण और सुरक्षा के इंतजाम

दूसरे चरण की ये 122 सीटें कई क्षेत्रों में फैली हुई हैं और यहां कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इन सीटों पर होने वाला मतदान न केवल उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि बिहार में सत्ता का ऊंट किस करवट बैठेगा। दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है, और कई सीटों पर अन्य दल भी मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं।

चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की जाएगी और संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। अब 11 नवंबर को मतदाता उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला ईवीएम में बंद कर देंगे, जिसके नतीजे मतगणना के दिन सामने आएंगे।

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