Irrigation Department : जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सिंचाई विभाग में की छापेमारी, मचा हड़कंप

Irrigation Department : उत्तर प्रदेश सरकार में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने गुरुवार की शाम को रायबरेली शहर स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय में अचानक छापेमारी की, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया। अधिशासी अभियंता रायबरेली खंड दक्षिणी शारदा नहर के कार्यालय में पहुंचे मंत्री ने औचक निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की उपस्थिति, फाइलों की व्यवस्था और विभागीय कार्यों की समीक्षा की। हालांकि, मंत्री ने दावा किया कि सब कुछ ‘आल इज वेल’ है, लेकिन निरीक्षण के दौरान ली गई तस्वीरें एक अलग ही कहानी बयान कर रही हैं, जहां कर्मचारी भागते-दौड़ते और फाइलें दुरुस्त करने में व्यस्त नजर आ रहे थे।

निरीक्षण के दौरान का नजारा: कर्मचारियों में अफरा-तफरी

बताते चलें कि शाम के समय अचानक मंत्री के दफ्तर पहुंचने से कर्मचारियों में खलबली मच गई। कई कर्मचारी इधर-उधर भागते दिखे, जबकि कुछ फाइलें और दस्तावेज जल्दबाजी में सही करने में लगे रहे। निरीक्षण टीम के अनुसार, कई कर्मचारी तो घटनास्थल पर नदारद थे। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने खुद कई अधिकारियों से फोन पर संपर्क साधा और उनकी लोकेशन की पुष्टि की। एक अधिकारी ने बताया कि मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हालांकि, मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “जितने कर्मचारी उपस्थित मिले, उतने ही काफी हैं। मैं तो और अधिक गायब रहने की आशंका में आया था।” उन्होंने इस निरीक्षण को सामान्य रूटीन चेक बताया और जोर देकर कहा कि विभाग में कोई बड़ी अनियमितता नहीं पाई गई। लेकिन स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यह छापेमारी विभाग की लापरवाही को उजागर करने के लिए थी, खासकर रबी फसल सीजन से पहले।

रबी फसल से पहले सिल्ट सफाई पर जोर

मंत्री का यह दौरा मुख्य रूप से शारदा नहर प्रणाली में सिल्ट (कीचड़) सफाई और सिंचाई सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए था। उन्होंने कहा, “रबी की फसल से पहले किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए सिल्ट सफाई कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए हैं।” निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिशासी अभियंता और अन्य तकनीकी कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी ली, जिसमें नहरों की सफाई, जल वितरण प्रणाली और रखरखाव कार्य शामिल थे।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि दक्षिणी शारदा नहर खंड में कई परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें सिल्ट हटाने के लिए मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है। मंत्री ने इन कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के सख्त निर्देश दिए और कहा कि किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान स्थानीय किसान प्रतिनिधियों ने भी मंत्री से मुलाकात की और सिंचाई में हो रही देरी की शिकायतें दर्ज कीं।

ठेकेदारों के बकाया भुगतान पर मंत्री का आश्वासन

निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री से ठेकेदारों के बकायों के बारे में सवाल पूछे गए। ठेकेदार संगठनों ने आरोप लगाया कि 2024 से 2025 तक के उनके बिलों का भुगतान लंबित है, जिसके कारण वे लगातार विभागीय दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। एक ठेकेदार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “सिल्ट सफाई और नहर मरम्मत के कार्य हमने समय पर पूरे किए, लेकिन पैसे नहीं मिलने से नई परियोजनाओं में निवेश मुश्किल हो गया है।”

इस पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने स्पष्ट आश्वासन दिया, “ठेकेदारों का जो भी बकाया पैसा है, उसे शीघ्र ही पूरा किया जाएगा। विभागीय स्तर पर फंड की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।” उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में सिंचाई परियोजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित की गई है, जिसका उपयोग बकायों को चुकाने में किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने ठेकेदारों से अपील की कि वे गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें ताकि किसानों को लाभ मिल सके।

विभाग में सुधार की उम्मीद

यह निरीक्षण उत्तर प्रदेश के जलशक्ति विभाग में बढ़ रही शिकायतों के बीच आया है, जहां कर्मचारियों की अनुपस्थिति और कार्यों में देरी आम समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मंत्री के इस सख्त रवैये से विभाग में अनुशासन आएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जल्द ही पूरे जिले में इसी तरह के और निरीक्षण किए जाएंगे।

कुल मिलाकर, मंत्री का यह दौरा न केवल विभागीय कार्यों की गति लाने का प्रयास था, बल्कि कर्मचारियों और अधिकारियों को सतर्क करने का भी संदेश दे गया। रायबरेली के किसानों को उम्मीद है कि रबी सीजन में सिंचाई की कोई कमी नहीं रहेगी।

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