How Anant Singh Won Mokama Election: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Elections 2025) की मतगणना के दौरान मोकामा (Mokama) सीट से हाईप्रोफाइल खबर सामने आई है। जेल में बंद रहने के बावजूद जदयू (JD(U)) उम्मीदवार अनंत सिंह (Anant Singh) ने आरजेडी (RJD) की वीणा देवी (Veena Devi) को 29,720 वोटों से हराकर एक बार फिर राजनीतिक जीत दर्ज की। शुरुआती रुझानों से ही अनंत सिंह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से आगे चल रहे थे, और अंततः यह बढ़त निर्णायक साबित हुई। मोकामा सीट हमेशा से बाहुबल और राजनीतिक प्रभाव के लिए जानी जाती रही है, और इस बार भी यह मुकाबला उतना ही रोमांचक रहा।
मोकामा सीट का हाईप्रोफाइल मुकाबला/How Anant Singh Won Mokama Election
मोकामा (Mokama) विधानसभा सीट बिहार की उन सीटों में शामिल है, जो हमेशा राजनीतिक हलचल और बाहुबल के लिए चर्चित रही हैं। इस बार जदयू (JD(U)) के जेल में बंद प्रत्याशी अनंत सिंह (Anant Singh) और आरजेडी (RJD) की वीणा देवी (Veena Devi) के बीच सियासी टकराव देखने को मिला। शुरुआती रुझानों में अनंत सिंह लगातार आगे चल रहे थे। 18वें राउंड की मतगणना के बाद अनंत सिंह को 68,132 वोट मिले, जबकि वीणा देवी के खाते में 48,845 वोट ही आए। इस बढ़त ने साफ कर दिया कि मोकामा में बाहुबल और प्रभाव के बावजूद जनता ने किस पर भरोसा जताया।

जेल में रहकर जीत का रिकॉर्ड
अनंत सिंह (Anant Singh) पहले भी जेल में रहते हुए चुनाव जीत चुके हैं। 2015 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद 2020 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में शामिल हुए और जेल में रहते हुए विजय प्राप्त की। हालांकि, 2022 में एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें विधानसभा सदस्यता गंवानी पड़ी। 2025 में वे फिर से जदयू (JD(U)) में लौटे और मोकामा सीट से चुनाव जीतकर यह साबित कर दिया कि उनका राजनीतिक प्रभाव और जनता के बीच पकड़ अब भी मजबूत है।
अन्य उम्मीदवारों का प्रदर्शन
मोकामा सीट पर जन सुराज पार्टी (Jan Suraj Party) और आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार भी मैदान में थे। 20 दौर की मतगणना तक जन सुराज पार्टी के प्रियदर्शी पीयूष (Priyadarshi Piyush) ने 14,465 वोट प्राप्त किए और तीसरे स्थान पर रहे। आम आदमी पार्टी (AAP) के राजेश कुमार रत्नाकर (Rajesh Kumar Ratnakar) को 1,847 वोट मिले और चौथे पायदान पर रहे। इस तरह साफ हो गया कि प्रमुख मुकाबला जदयू और आरजेडी के बीच रहा, और बाकी दलों की भागीदारी सीमित रही।
भविष्य पर असर और राजनीतिक विश्लेषण
अनंत सिंह की (Anant Singh) मोकामा जीत बिहार की राजनीतिक तस्वीर पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। जेल में रहते हुए जीतने का रिकॉर्ड उनके समर्थकों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा है। वहीं, वीणा देवी (Veena Devi) की हार ने साबित किया कि बाहुबल और स्थानीय प्रभाव हर बार वोटों में बदल नहीं पाता। आगामी विधानसभा सत्र में मोकामा की यह सीट और जदयू का राजनीतिक दबदबा दोनों ही चर्चित विषय होंगे। अब जनता और पार्टी के रणनीतिकार इस परिणाम से आगामी चुनावों की दिशा तय करेंगे।










