Srinagar Naugam Blast: पुलिस थाने में भीषण धमाका, 7 की मौत—Delhi Blast Link ने बढ़ाई चिंता

Srinagar Naugam Blast: नौगाम पुलिस स्टेशन पर तबाही, 30 घायल—‘White Collar’ मॉड्यूल का कनेक्शन

Srinagar Naugam Blast: जम्मू-कश्मीर के दक्षिण श्रीनगर (South Srinagar) के नौगाम (Naugam) इलाके में हुए भयावह धमाके ने पूरे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को सकते में डाल दिया है। देर रात पुलिस स्टेशन के भीतर अचानक हुए विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद से हताहतों की संख्या लगातार बढ़ रही है और शुरुआती जांच में चौंकाने वाले सुराग सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वही थाना है जहां हाल ही में दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े “व्हाइट-कॉलर” टेरर मॉड्यूल की FIR दर्ज हुई थी। क्या यह हादसा था, लापरवाही या फिर एक सुनियोजित आतंकी साजिश—इन सवालों के जवाब तलाशने में एजेंसियां जुट गई हैं।
तो चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है, जानते हैं विस्तार से…

श्रीनगर की रात दहशत में बदल गई/Srinagar Naugam Blast

दक्षिण श्रीनगर (South Srinagar) के नौगाम (Naugam) पुलिस स्टेशन में रात करीब 11:22 बजे एक जबरदस्त ब्लास्ट हुआ, जिसकी तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के घरों की खिड़कियों के शीशे चटक गए और मानव अंग 300 फीट दूर तक मिले। विस्फोट के तुरंत बाद पूरे परिसर में आग फैल गई, जिससे कई गाड़ियां और थाने का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया। अब तक 7 लोगों की मौत और 30 से अधिक पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। यह धमाका ऐसे समय हुआ जब थाना पहले से ही “व्हाइट-कॉलर” टेरर मॉड्यूल से जुड़ी जांच का केंद्र बना हुआ था, जिससे इस विस्फोट की गंभीरता और भी बढ़ जाती है।

दो एंगल पर हो रही जांच

इस धमाके को लेकर जांच एजेंसियां फिलहाल दो प्रमुख एंगल पर काम कर रही हैं। पहला एंगल लापरवाही का है, जिसमें कहा जा रहा है कि थाने में कोर्ट की निगरानी में सील किए जा रहे करीब 350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट के दौरान “mishandling” के चलते ब्लास्ट हो सकता है। दूसरा और अधिक गंभीर एंगल आतंकी साजिश का है। सूत्रों के अनुसार, परिसर में खड़ी एक जब्त कार में IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) लगाया गया था, जिसके फटने से अमोनियम नाइट्रेट भी चेन-रिएक्शन की तरह विस्फोट हो गया। PAFF और जैश (Jaish) से जुड़े शैडो ग्रुप इस विस्फोट की जिम्मेदारी पहले ही लेने का दावा कर चुके हैं। इससे सुराग मिल रहा है कि मॉड्यूल शायद पहले से इस धमाके की योजना बना चुका था।

सुराग दिल्ली ब्लास्ट तक जुड़े

घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों की कई टीमें, खोजी कुत्तों और फॉरेंसिक यूनिट्स के साथ नौगाम थाना परिसर में पहुंच गईं। श्रीनगर के उपायुक्त अक्षय लाबरू (Akshay Labroo) ने अस्पताल में घायलों से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया। शुरुआती जांच से स्पष्ट हुआ कि यह वही थाना है जहां 19 अक्टूबर को ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर मॉड्यूल की FIR दर्ज हुई थी, वही मॉड्यूल जिसमें हरियाणा के फरीदाबाद (Faridabad) से आरोपी डॉ. मुज़म्मिल गनई (Dr. Muzammil Ganai) के घर से कई कुंतल विस्फोटक बरामद किए गए थे। यह मॉड्यूल दिल्ली ब्लास्ट में भी सक्रिय पाया गया था। CCTV फुटेज, बरामद केमिकल्स और आरोपी डॉक्टरों की भूमिका को ध्यान में रखते हुए एजेंसियां दिल्ली-सहारनपुर-कश्मीर कनेक्शन पर विशेष ध्यान दे रही हैं।

मॉड्यूल के मास्टरमाइंड की तलाश, इलाके की घेराबंदी

घटना के बाद पूरे नौगाम क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और मलबे से शव एवं सबूत बरामद करने का काम जारी है। सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि यह धमाका संभवतः इंटर-स्टेट मॉड्यूल की व्यापक साजिश का हिस्सा हो सकता है। जांचकर्ता मॉड्यूल के मुख्य संचालकों—मुज़फ्फर राठर (Dr. Muzzaffar Rathar) और उमर नबी (Umar Nabi)—की तलाश तेज कर चुके हैं। डॉ. अदील राठर (Dr. Adeel Rathar) की भूमिका भी जांच के केंद्र में है, जिसके पास से AK-56 राइफल बरामद की गई थी। चूंकि मॉड्यूल डॉक्टरों के नेटवर्क द्वारा संचालित था, इसलिए यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। फिलहाल राहत-बचाव कार्य जारी है और जांच एजेंसियां इसे कश्मीर में हालिया आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े बड़े खतरे के रूप में देख रही हैं।

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