उत्तर प्रदेश के भदोही ( Bhadohi ) जिले में कालीन उद्योग के एक प्रमुख केंद्र सूर्या कार्पेट कंपनी में सोमवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। वॉशिंग वाटर सीवेज टैंक में मोटर रिपेयर के दौरान एक श्रमिक के गिरने से शुरू हुई यह घटना जहरीली गैस के रिसाव के कारण तीन श्रमिकों की जान ले लेने वाली साबित हुई। मृतकों में शीतला मिश्रा, शिवम दुबे और राम सूरत शामिल हैं, जबकि एक अन्य श्रमिक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हादसे ने स्थानीय श्रमिक समुदाय में सनसनी फैला दी है और कंपनी प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगने लगा है।
घटना दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब कंपनी के वॉशिंग विभाग में मोटर की मरम्मत का काम चल रहा था। सूत्रों के अनुसार, टैंक के अंदर काम कर रहे एक श्रमिक अचानक फिसलकर नीचे गिर गए। सहकर्मियों ने उन्हें बचाने के लिए तुरंत कार्रवाई की और तीन अन्य श्रमिक टैंक में उतर आए। लेकिन जैसे ही वे अंदर पहुंचे, सीवेज टैंक से रिस रही जहरीली गैस ने सबको अपनी चपेट में ले लिया। गैस के प्रभाव से दम घुटने लगी और चारों श्रमिक बेहोश हो गए। कंपनी के अन्य कर्मचारियों ने हड़बड़ी में उन्हें बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन शीतला मिश्रा (45 वर्ष), शिवम दुबे (28 वर्ष) और राम सूरत (52 वर्ष) को बचाया नहीं जा सका। चौथे श्रमिक की हालत अभी गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा है।

जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि यह हादसा सूर्या कार्पेट कंपनी के वॉशिंग यूनिट में हुआ, जहां टैंक में एक श्रमिक के गिरने के बाद बचाव कार्य के दौरान चारों जहरीली गैस के संपर्क में आ गए। डीएम ने कहा, “मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद सभी बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही, श्रम विभाग की टीम भी स्वतंत्र जांच कर रही है। हम किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे।” डीएम ने कंपनी प्रबंधन को तत्काल सुरक्षा उपायों को सख्त करने और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान करने का निर्देश दिया है।
भदोही ( Bhadohi ) के डीएम शैलेश कुमार ने बताया कि सूर्या कार्पेट कंपनी का यह मामला है। उन्होंने कहा कि टैंक में एक श्रमिक के गिरने के बाद उसको बचाने के दौरान चारों श्रमिक जहरीली गैस के रिसाव की जद में आ गए। जिनकी मौत हुई, उनमें शीतला मिश्रा, शिवम दुबे और राम सूरत शामिल हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के बाद अन्य बिंदुओं पर बताया जाएगा। वहीं, श्रम विभाग की टीम भी मामले की जांच-पड़ताल कर रही है।
शैलेश कुमार, डीएम भदोही का बयान
“यह अत्यंत दुखद घटना है। हमने तुरंत मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और श्रम विभाग को भी निर्देशित किया है। प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।”
स्थानीय श्रमिक यूनियन के प्रतिनिधियों ने इस हादसे पर गहरी नाराजगी जताई है। यूनियन नेता रामेश्वर प्रसाद ने कहा, “कई बार हमने कंपनी प्रबंधन को सीवेज टैंक की सफाई और गैस डिटेक्टर लगाने की मांग की थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। यह श्रमिकों की जिंदगी से खिलवाड़ है।” भदोही ( Bhadohi ) कालीन उद्योग, जो देश के कुल कालीन उत्पादन का बड़ा हिस्सा संभालता है, में ऐसी घटनाएं समय-समय पर सुर्खियां बटोरती रही हैं। पिछले वर्ष भी इसी तरह के एक हादसे में दो श्रमिक घायल हुए थे।
पुलिस ने कंपनी के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मृतकों के परिवारों को सरकारी सहायता राशि और कंपनी से मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे कालीन उद्योग में सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की मांग को तेज कर रही है।










