रायबरेली ( Raebareli ) पुलिस ने महज 24 घंटे के अंदर एक सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस ( Blind Murder Case ) का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या में शामिल पांच आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी फरार है। यह मामला सलोन कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ओया का है, जहां मंगलवार देर रात ट्यूबवेल की कोठरी में एक युवक का खून से लथपथ शव मिला था।
मृतक की पहचान विनीत सिंह (उम्र करीब 32 वर्ष), निवासी ओया के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वायड ने साक्ष्य जुटाए। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया और छापेमारी शुरू कर दी। स्थानीय पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद चार आरोपियों को दबिश डालकर गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का पूरा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी प्रांजुल यादव पुत्र रामलखन यादव निवासी ओया, मृतक विनीत सिंह के पास अक्सर गांजा पीने आता-जाता था। बीते 22 नवंबर को किसी बात पर विनीत ने प्रांजुल को गालियां दीं और धमकी दी कि “अब यहां मत दिखाई देना, वरना जमीन में गाड़ दूंगा।” इस बात से आहत प्रांजुल ने बदला लेने की ठान ली।
एसपी ने बताया कि 25 नवंबर की रात प्रांजुल ने अपने दोस्तों कुणाल उर्फ कुणाल यादव, सूरज उर्फ सूरज कुमार, शुभ उर्फ शुभम और जितेंद्र को शराब पिलाई और पूरी घटना बताई। नशे की हालत में सभी ओया गांव पहुंचे। वहां ट्यूबवेल पर विनीत अकेला गांजा पी रहा था। प्रांजुल को देखते ही विनीत ने उसे गांजा ऑफर किया। इसी दौरान सभी आरोपी सामने आए और अचानक कुणाल ने लकड़ी की मोटी फंटी से विनीत के सिर पर जोरदार वार कर दिया। विनीत लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
सभी आरोपी मौके से भागने लगे, लेकिन सूरज को अहसास हुआ कि उसका मोबाइल फोन घटनास्थल पर ही छूट गया है। फोन लेने प्रांजुल और कुणाल दोबारा लौटे तो देखा कि विनीत अभी भी जिंदा है और तड़प रहा है। दोनों ने मिलकर उसे खींचकर ट्यूबवेल की कोठरी में फेंक दिया और फरार हो गए।
गिरफ्तार आरोपियों में प्रांजुल यादव, कुणाल यादव, सूरज कुमार और शुभम शामिल हैं। पांचवां आरोपी जितेंद्र अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लकड़ी की फंटी और अन्य साक्ष्य बरामद कर लिए हैं।
एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस अधीक्षक रायबरेली डॉ. यशवीर सिंह का बयान
“बहुत ही संवेदनशील मामला था। टीम ने 24 घंटे के अंदर न सिर्फ केस सुलझाया बल्कि चार अभियुक्तों को गिरफ्तार भी कर लिया। फरार अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी होगी।”










