Raebareli : Rahul Gandhi पर विदेशी नागरिकता का नया आरोप : रायबरेली दीवानी न्यायालय में एप्लीकेशन दाखिल, कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की

Raebareli : उत्तर प्रदेश के रायबरेली ( Raebareli ) जिले में एक बड़ा राजनीतिक विवाद तब उभरा जब लोकसभा में विपक्ष के नेता और रायबरेली ( Raebareli ) से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) के खिलाफ विदेशी नागरिकता को लेकर दीवानी न्यायालय (एमपी/एमएलए कोर्ट) में एक एप्लीकेशन दाखिल की गई। यह मामला बुधवार दोपहर करीब 4 बजे जिला एवं सत्र न्यायालय, शहर कोतवाली थाना क्षेत्र में सुना गया। एप्लीकेशन बेंगलुरु निवासी भाजपा नेता एस. विग्नेश शिशिर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल की है। कोर्ट ने शहर कोतवाली पुलिस को पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब करने का आदेश दिया है, जबकि सुरक्षा के लिहाज से पूरे न्यायालय परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

मामले का पूरा विवरण

यह एप्लीकेशन भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 9(2) के तहत दाखिल की गई है, जिसमें राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) पर ब्रिटिश नागरिकता रखने का गंभीर आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर का दावा है कि राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) के पास भारत के अलावा ब्रिटेन की नागरिकता भी है, जो भारतीय कानून के अनुसार दोहरी नागरिकता पर प्रतिबंध के विरुद्ध है। उन्होंने एप्लीकेशन में कहा है कि राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) ने ब्रिटेन में एक कंपनी के दस्तावेजों में खुद को ‘ब्रिटिश नागरिक’ के रूप में दर्ज कराया था। इसके अलावा, उनके पास ‘लाल रंग’ का पासपोर्ट होने का भी उल्लेख किया गया है, जिस पर ब्रिटिश सरकार की मुहर लगी हुई है।

शिशिर ने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) ने लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी विदेशी नागरिकता को छिपाया, जिससे रायबरेली ( Raebareli ) लोकसभा सीट से उनका निर्वाचन अवैध हो जाता है। एप्लीकेशन में मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी गई है और राहुल की भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि उनके पास ब्रिटिश सरकार के ईमेल, दस्तावेज और अन्य सबूत मौजूद हैं, जो इस आरोप को पुष्ट करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल ने नेता प्रतिपक्ष के पद पर रहते हुए शत्रु देशों को भारत की गोपनीय सूचनाएं प्रदान की हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।

यह मामला कोर्ट में दाखिल होने के बाद तुरंत सुनवाई के लिए आया। जज ने एप्लीकेशन को स्वीकार करते हुए शहर कोतवाली पुलिस को निर्देश दिए कि वह प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे। अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं की गई है, लेकिन पुलिस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

कोर्ट परिसर में भारी सुरक्षा व्यवस्था

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रायबरेली ( Raebareli ) प्रशासन ने पूरे न्यायालय परिसर में अभूतपूर्व सुरक्षा के इंतजाम किए। भारी संख्या में पुलिस बल, जिसमें आरएएफ और स्थानीय फोर्स शामिल थी, तैनात की गई। न्यायालय के बाहर बैरिकेडिंग लगाई गई और आने-जाने वालों की सघन जांच की जा रही थी। स्थानीय लोगों और पत्रकारों को भी प्रवेश में कड़ी पाबंदी लगाई गई। जिला मजिस्ट्रेट और एसएसपी के निर्देश पर यह व्यवस्था की गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

याचिकाकर्ता का बयान: ‘सच सामने लाना मेरा कर्तव्य’

एप्लीकेशन दाखिल करने के बाद याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) जैसे राष्ट्रीय नेता को विदेशी नागरिकता छिपाकर पद पर बने रहना लोकतंत्र के लिए खतरा है। मैंने ब्रिटिश सरकार से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर यह कदम उठाया है। कानून सबके लिए बराबर है, और मैं चाहता हूं कि इसकी निष्पक्ष जांच हो।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह जनहित में दाखिल की गई याचिका है, न कि किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा। शिशिर ने बताया कि वे पहले भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में इसी मुद्दे पर याचिकाएं दाखिल कर चुके हैं, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर कार्रवाई जरूरी हो गई है।

पृष्ठभूमि: यह विवाद पुराना लेकिन नया मोड़

राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) की नागरिकता पर सवाल उठना कोई नई बात नहीं है। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी और विग्नेश शिशिर ने पहले भी दिल्ली हाईकोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में इसी मुद्दे पर याचिकाएं दाखिल की हैं। अगस्त 2025 में यूके सरकार से प्राप्त रिपोर्ट में राहुल के पासपोर्ट और सिटिजन डिटेल्स भारत को भेजी गई थीं, लेकिन मामला अभी लंबित है। हाईकोर्ट ने कई बार केंद्र सरकार को जवाब मांग चुका है, और अगली सुनवाई मार्च 2026 में निर्धारित है।

रायबरेली कोर्ट में यह नई एप्लीकेशन एक तरह से उस विवाद को स्थानीय स्तर पर ले जाने का प्रयास है। विग्नेश शिशिर ने जुलाई 2025 में हाईकोर्ट में रिव्यू पिटीशन भी दाखिल की थी, जिसमें नए वीडियो और दस्तावेज पेश किए गए थे। सीबीआई ने भी इस मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की है, लेकिन कोई ठोस नतीजा अभी तक नहीं निकला।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

कांग्रेस ने इस एप्लीकेशन को ‘राजनीतिक साजिश’ करार दिया है। पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनाते ने कहा, “यह भाजपा की हताशा का नतीजा है। राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) भारतीय नागरिक हैं और लोकतंत्र के सिपाही। कोर्ट इस पर उचित फैसला लेगा।” वहीं, भाजपा नेताओं ने इसे ‘राष्ट्रीय हित’ का मुद्दा बताया। स्थानीय भाजपा नेता ने कहा, “अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह देश के लिए बड़ा झटका होगा।”

आगे क्या?

शहर कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट सौंपने के बाद कोर्ट अगला कदम उठाएगा। अगर मुकदमा दर्ज होता है, तो यह रायबरेली से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक भूचाल ला सकता है। फिलहाल, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर भी नजरें टिकी हैं, क्योंकि इस मामले में उनकी भूमिका अहम होगी।

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