FDDI Convocation President Droupadi Murmu : एफडीडीआई का भव्य दीक्षांत समारोह, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 500 से ज्यादा छात्रों को बांटी डिग्रियां और मेडल

FDDI Convocation President Droupadi Murmu : राष्ट्रपति के हाथों FDDI की डिग्री, 550 छात्रों ने लिखी नई सफलता की इबारत

FDDI Convocation President Droupadi Murmu : राजधानी दिल्ली के डॉ. भीमराव अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (FDDI) का वार्षिक दीक्षांत समारोह धूमधाम से संपन्न हुआ। इस खास मौके पर देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुईं, जबकि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और उद्योग राज्य मंत्री जितेंद्र प्रसाद विशिष्ट अतिथि रहे।

500 से ज्यादा छात्रों को मिली उपाधि और मेडल

एफडीडीआई के देश भर के 12 कैंपसों (नोएडा, फिरोजपुर, चेन्नई, कोलकाता, रुड़की, चंडीगढ़ आदि) से इस बार करीब 550 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने अपनी डिग्री पूरी की। इनमें बैचलर और मास्टर कोर्स के छात्र शामिल थे। समारोह में टॉपर्स को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल दिए गए, जबकि बाकी छात्रों को डिग्री और डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। मंच पर राष्ट्रपति और मंत्रियों के हाथों डिग्री लेते हुए छात्रों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।

राष्ट्रपति ने की FDDI की तारीफ, बोलीं – “ये संस्थान देश का गौरव है”

अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने FDDI को देश का एकमात्र राष्ट्रीय महत्व का संस्थान बताया जो फुटवियर, लेदर गुड्स, फैशन डिजाइन और रिटेल मैनेजमेंट के क्षेत्र में कुशल प्रोफेशनल तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा, “भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर उत्पादक और उपभोक्ता देश है। साल 2024-25 में हमने 250 मिलियन डॉलर का फुटवियर निर्यात किया, जबकि 680 मिलियन डॉलर का आयात हुआ। हमें आयात कम करके निर्यात बढ़ाना है और इसके लिए FDDI जैसे संस्थानों की भूमिका बहुत बड़ी है।”

राष्ट्रपति ने छात्रों को संदेश देते हुए कहा, “आप सिर्फ अच्छी नौकरी या बिजनेस न करें, अपने काम से देश और समाज की भी सेवा करें। जो ज्ञान और स्किल आपको यहां मिली है, उसका इस्तेमाल देश को आगे बढ़ाने में करें।”

पीयूष गोयल ने दिया 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का मंत्र

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि भारत का सपना अब दुनिया का नंबर-1 फुटवियर और फैशन हब बनना है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में ज्यादातर अभी भी फुटवियर छोटे-छोटे कारखानों में बनता है, लेकिन अब समय है बड़े ब्रांड्स बनाने का, ग्लोबल मार्केट में अपना नाम बनाने का। सरकार इसके लिए PLI स्कीम, नए इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट पर जोर दे रही है।”

मंत्री ने छात्रों से अपील की कि वे अपने डिजाइनों में तीन बातों का खास ध्यान रखें:

  1. पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) सामग्री का इस्तेमाल
  2. डिजिटल टेक्नोलॉजी और 3D प्रिंटिंग जैसी नई तकनीक
  3. मजदूरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान

उन्होंने कहा, “आने वाले समय में जो ब्रांड पर्यावरण और मजदूरों का ध्यान रखेगा, वही दुनिया में चलेगा।”

FDDI के MD ने कहा – “आप सब देश का भविष्य हो”

समारोह में FDDI के प्रबंध निदेशक श्री विवेक शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और छात्रों से कहा, “आज आप डिग्री लेकर जा रहे हो, लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होगी। आप में से कई लोग बड़े ब्रांड्स जॉइन करेंगे, कई अपना स्टार्टअप शुरू करेंगे। मैं कामना करता हूं कि आप सब जहां भी जाएं, भारत का नाम रोशन करें।”

छात्रों की खुशी का ठिकाना नहीं

समारोह के बाद छात्रों से जब बात की गई तो सबकी आंखों में चमक थी। नोएडा कैंपस की छात्रा प्रिया शर्मा ने कहा, “राष्ट्रपति जी के हाथों डिग्री लेना जीवन का सबसे बड़ा पल था। अब मैं अपना फुटवियर ब्रांड शुरू करना चाहती हूं जो पूरी तरह से रिसाइकल सामग्री से बनेगा।”

इसी तरह कोलकाता कैंपस के गोल्ड मेडलिस्ट राहुल मेहता ने बताया, “मंत्री जी ने जो इको-फ्रेंडली डिजाइन की बात कही, मैं उसी पर काम कर रहा हूं। मेरा सपना है कि भारत का बना जूता पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा बिके।”

निष्कर्ष

यह दीक्षांत समारोह सिर्फ डिग्री बांटने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह भारत के युवाओं में छिपी ताकत और देश के फुटवियर उद्योग के सुनहरे भविष्य का प्रतीक था। राष्ट्रपति और मंत्रियों के शब्दों ने साफ कर दिया कि अब समय आ गया है कि भारत सिर्फ दुनिया का बाजार न रहे, बल्कि दुनिया को चलाने वाले ब्रांड्स भी यहीं से निकलें।

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