Raebareli News : डिघिया के मोहम्मद जमील पर विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का आरोप, पीड़ितों ने एसपी से की कार्रवाई की मांग

Raebareli : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक बार फिर विदेश भेजने के नाम पर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मिल एरिया थाना क्षेत्र के डिघिया गांव के निवासी मोहम्मद जमील पर स्थानीय दर्जन भर से अधिक लोगों ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि जमील ने उन्हें विदेश में नौकरी दिलाने का लालच देकर भारी-भरकम रकम ऐंठ ली, लेकिन न तो वीजा बनाया और न ही किसी को विदेश भेजा। स्थानीय थाने में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर आज दोपहर करीब 12 बजे पीड़ितों का एक समूह एसपी कार्यालय पहुंचा और मामले की तत्काल जांच व आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

ठगी की पूरी वारदात: लालच का जाल कैसे बिछा?

जानकारी के अनुसार, मोहम्मद जमील डिघिया गांव का ही निवासी है, जो पिछले कई महीनों से गांव-गांव घूमकर बेरोजगार युवाओं को विदेश (मुख्य रूप से रूस, जॉर्जिया और मंगोलिया जैसे देशों) में हाई-पेइंग जॉब्स दिलाने का वादा करता रहा है। वह खुद को एक अनुभवी ‘एजेंट’ बताता था और दावा करता था कि उसके पास विदेशी कंपनियों से डायरेक्ट कॉन्टैक्ट्स हैं। पीड़ितों ने बताया कि जमील ने सबसे पहले गांव के युवाओं को मीटिंग बुलाई, जहां उसने फर्जी वीजा स्टिकर्स, पासपोर्ट सैंपल और विदेशी जॉब लेटर्स दिखाए। इनके आधार पर लोगों का भरोसा जीत लिया।

ठगी की रकम अलग-अलग पीड़ितों से 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक ली गई। कुल मिलाकर 12 से अधिक पीड़ितों से लगभग 15-20 लाख रुपये की ठगी का अनुमान लगाया जा रहा है। पैसे लेने के बाद जमील ने वीजा प्रोसेसिंग, टिकट बुकिंग और मेडिकल टेस्ट के नाम पर बहाने बनाए। कुछ पीड़ितों को तो फर्जी टिकट और वीजा भी थमाए गए, लेकिन एयरपोर्ट या इमिग्रेशन चेक पर सब कुछ फर्जी साबित हो गया। जब पीड़ितों ने पैसे लौटाने की मांग की, तो जमील ने उन्हें धमकियां दीं और गायब हो गया।

एक पीड़ित, रामू (नाम परिवर्तित), ने बताया, “जमील ने कहा था कि 1.5 लाख रुपये देने पर रूस में फैक्ट्री जॉब मिल जाएगी, जहां मासिक 1 लाख रुपये कमाई होगी। हमने मेहनत से जमा पैसे दिए, लेकिन आज तक कोई अपडेट नहीं। थाने गए तो उन्होंने कहा जांच होगी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब एसपी साहब से गुहार लगा रहे हैं।” इसी तरह, एक अन्य पीड़ित ने कहा, “हमारे गांव में 15-16 परिवार बर्बाद हो गए। जमील ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर सबको बेवकूफ बनाया।”

थाने में शिकायत, लेकिन ‘सुनवाई’ न होने पर एसपी कार्यालय का रुख

पीड़ितों ने सबसे पहले मिल एरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन वहां से कोई ठोस कार्रवाई न होने पर वे निराश हो गए। थाने में तहरीर देने के बाद भी न तो आरोपी को नोटिस जारी हुआ और न ही कोई जांच टीम गठित की गई। इससे आक्रोशित पीड़ितों ने आज दोपहर एसपी डॉ. यशवीर सिंह के कार्यालय का दरवाजा खटखटाया। एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ितों ने एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें जमील के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी) और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

एसपी कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, एसपी ने पीड़ितों को आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच कराई जाएगी और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने थाना प्रभारी मिल एरिया को निर्देश दिए हैं कि 24 घंटे के अंदर एफआईआर दर्ज करें और आरोपी की तलाश शुरू करें। एक अधिकारी ने बताया, “यह मामला गंभीर है। विदेश भेजने के नाम पर ठगी के कई केस रायबरेली में पहले भी सामने आ चुके हैं। हम साइबर सेल की मदद से जमील के बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन की जांच करेंगे।”

पीड़ितों के बयान: आंसू और गुस्से की मिली-जुली कहानी

एसपी कार्यालय के बाहर इंतजार के दौरान पीड़ितों ने अपने दर्द बयां किए। एक बुजुर्ग महिला, जिनके बेटे के लिए पैसे दिए गए थे, रोते हुए बोलीं, “हमारा एकमात्र बेटा बेरोजगार था। जमील ने कहा सब ठीक हो जाएगा, लेकिन अब तो घर का चूल्हा भी नहीं जल रहा। पैसे लौटाओ, वरना क्या करेंगे?” वहीं, युवा पीड़ितों ने गुस्से में कहा, “ऐसे ठगों को सजा मिलनी चाहिए ताकि दूसरे गांवों में भी लोग सावधान रहें। हम थक चुके हैं, लेकिन हार नहीं मानेंगे।”

जिले में बढ़ते ठगी के मामले: सतर्कता बरतने की जरूरत

रायबरेली जिले में विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में ही दर्जनों शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जहां फर्जी एजेंट युवाओं को लालच देकर ठग रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बेरोजगारी की मार झेल रहे ग्रामीण इलाकों में ऐसे अपराध आसानी से पनप जाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी एजेंट को पैसे देने से पहले उनकी वैधता की जांच करें। विदेश जाने के लिए केवल सरकारी पोर्टल या रजिस्टर्ड एजेंसियों का ही सहारा लें। अगर ठगी का शिकार हों, तो तुरंत थाने या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।

यह मामला जिले में सनसनी फैला रहा है। पीड़ितों की मांग पर जल्द कार्रवाई की उम्मीद है, ताकि मोहम्मद जमील जैसे ठगों का धंधा थम सके। विकास की तस्वीर में यह घटना गरीबों के सपनों पर एक काला धब्बा साबित हो रही है। आगे की अपडेट के लिए बने रहें।

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