Agra : आगरा ( Agra ) में 26 मार्च 2025 को समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के एमजी रोड स्थित आवास पर करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया हमला और तोड़फोड़ का मामला अब कोर्ट पहुंच गया है। हरीपर्वत पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है, जबकि करणी सेना के प्रमुख नेता वीरू प्रताप सिंह को जांच में क्लीन चिट दे दी गई है।
चार्जशीट में क्या है?

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, वीडियो सबूत और गवाहों के बयानों के आधार पर कुल 10 लोगों के नाम तय किए थे। इनमें से:
मुख्य 8 आरोपी जिन पर चार्जशीट दाखिल हुई
- विनय प्रताप सिंह जादौन (एटा)
- योगेंद्र सिंह उर्फ झलके सिंह जादौन (एटा)
- संदीप परमार (जगनेर, आगरा)
- अजय उर्फ राहुल जादौन (फिरोजाबाद)
- अभिजीत सिंह सिकरवार (एत्मादपुर)
- दीपक सिसौदिया (अछनेरा)
- शिवम (हाथरस)
- नरेश सिंह (फिरोजाबाद)
जांच अभी जारी (2 नाम)
- करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेंद्र राणा – हाईकोर्ट में उनकी रिट पिटीशन लंबित होने से विवेचना रोकी गई
- मोहित सिकरवार (टेढ़ी बगिया) – नोटिस तामील न होने से जांच चल रही
क्लीन चिट : करणी सेना के वीरू प्रताप सिंह का नाम जांच में नहीं आया, इसलिए उन्हें राहत मिली।
लगाई गई धाराएं
- BNS 191(2), 125, 352, 351(3)/324(4)
- SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराएं
- लूट की धारा हटा दी गई
घटना की याद
26 मार्च 2025 को राणा सांगा पर सांसद रामजीलाल सुमन के राज्यसभा बयान से नाराज करणी सेना के कार्यकर्ता दो बुलडोजर और सैकड़ों की संख्या में सांसद के घर पहुंचे थे। पुलिस बैरियर तोड़कर सोसाइटी में घुसे कार्यकर्ताओं ने घर के बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की, पथराव किया और नारेबाजी की। सपा कार्यकर्ताओं व पुलिस से भी झड़प हुई थी। उस दिन 14 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
सांसद के बेटे रणजीत सुमन ने हरीपर्वत थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। अब 8 महीने बाद पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी है।
आगरा पुलिस का कहना है कि सबूतों के आधार पर ही कार्रवाई की गई है और कोर्ट अब आगे की कार्यवाही करेगा। मामले में अभी कई आरोपी बाहर हैं और उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है।










