Honey Trap मामले में 2 महिलाओं सहित 3 लोग गिरफ्तार, पीड़ित से 5 लाख वसूले और मारपीट की; गैंग का काला कारोबार उजागर

ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के कासना थाना क्षेत्र में एक संगठित हनी ट्रैप (Honey Trap) गैंग का पर्दाफाश होने से सनसनी फैल गई है। पुलिस ने दो महिलाओं सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इनके कब्जे से 1 लाख 90 हजार रुपये बरामद हुए हैं। यह गैंग अविवाहित युवकों को प्रेम के जाल में फंसाकर शादी का लालच देकर ठगता था। पीड़ितों को चैट्स वायरल करने का डर दिखाकर लाखों रुपये ऐंठे जाते थे। इस मामले में एक पीड़ित से 5 लाख रुपये वसूले गए और मारपीट भी की गई। फरार आरोपी अजय की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। कासना थाना पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय इसी तरह के अन्य गिरोहों पर भी नकेल कसने की उम्मीद जताई जा रही है।

घटना का पूरा विवरण: प्रेम जाल से ठगी तक का काला सिलसिला

पुलिस के अनुसार, यह गैंग लंबे समय से ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में सक्रिय था। आरोपी अविवाहित युवकों को सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के जरिए टारगेट करते थे। गैंग की महिलाएं पीड़ितों को प्रेम के जाल में फंसातीं, जबकि पुरुष सदस्य सहयोग करते। एक बार जाल में फंसने के बाद, आरोपी शादी का झांसा देकर पीड़ितों से पैसे मांगते। अगर पीड़ित मना करता, तो आपत्तिजनक चैट्स या फोटोज वायरल करने की धमकी दी जाती। बदनामी के डर से पीड़ित मजबूरन रुपये दे देते।

इस मामले में मुख्य पीड़ित एक स्थानीय अविवाहित युवक है, जिसे गैंग ने करीब दो महीने पहले फंसाया था। पीड़ित ने बताया कि महिलाओं ने उसे प्रेम का वादा किया और शादी का लालच दिया। बाद में गैंग के पुरुष सदस्यों ने उसे कासना क्षेत्र के एक सुनसान स्थान पर बुलाया, जहां मारपीट की गई। डराने-धमकाने के बाद पीड़ित से कुल 5 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर कासना थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।

गिरफ्तार आरोपी: महिलाओं का प्रेम जाल और पुरुषों की धमकी

कासना थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं—रानी (25) और सीमा (28)—और एक पुरुष—विकास (30)—शामिल हैं। महिलाएं गैंग की मुख्य लिंक थीं, जो पीड़ितों को लुभातीं। विकास गैंग का फाइनेंसर था, जो पैसे इकट्ठा करता और बांटता। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गैंग ने पिछले एक साल में कम से कम 10-12 पीड़ितों को निशाना बनाया था। हर ठगी में औसतन 2-3 लाख रुपये वसूले जाते।

आरोपियों के कब्जे से बरामद 1 लाख 90 हजार रुपये ठगी के ही अर्जित थे। इसके अलावा, पुलिस ने कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और डेटिंग ऐप्स से जुड़े सबूत भी जब्त किए हैं। आरोपी विकास ने पूछताछ में कबूला कि वे अमीर और अकेले रहने वाले अविवाहित व्यक्तियों को ही चुनते थे, क्योंकि इनसे ज्यादा आसानी से पैसे ऐंठे जा सकते थे।

फरार आरोपी अजय: गैंग का मास्टरमाइंड, पुलिस की तलाश तेज

गिरोह का किंगपिन अजय (32) अभी फरार है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अजय गैंग का ब्रेन था, जो चैट्स को एडिट करके ब्लैकमेल के लिए इस्तेमाल करता था। वह दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में छिपा हुआ है। कासना थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया, “हमारी टीमें अजय की तलाश में जुटी हैं। उसकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है। जल्द ही उसे भी दबोच लिया जाएगा।” अजय के खिलाफ पहले भी कई ठगी के केस दर्ज हैं, जो इस गैंग के नेटवर्क को और बड़ा बनाते हैं।

पुलिस का दावा: गैंग का पर्दाफाश, अन्य पीड़ितों से अपील

कासना थाना पुलिस ने इस गैंग का भंडाफोड़ कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसएसपी ग्रेटर नोएडा लक्ष्मी सिंह ने कहा, “यह कार्रवाई डिजिटल ठगी के खिलाफ हमारी मुहिम का हिस्सा है। सोशल मीडिया पर अजनबियों से दोस्ती करने से पहले सावधानी बरतें।” पुलिस ने अन्य पीड़ितों से अपील की है कि वे आगे आकर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि गैंग के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

इस घटना ने ग्रेटर नोएडा के युवाओं में सतर्कता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटिंग ऐप्स पर बढ़ते ऐसे अपराधों को रोकने के लिए साइबर सेल को और मजबूत करने की जरूरत है। मामले की आगे जांच जारी है, और आरोपी जल्द ही कोर्ट में पेश किए जाएंगे।

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