Drunk Groom Rejected By Bride : उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले में एक ऐसी घटना हुई जिसने सबको चौंका दिया। 4 दिसंबर की रात गौरी कला गाँव में बारात आई थी, गाजे-बाजे बज रहे थे, खुशियाँ चारों तरफ थीं, लेकिन जैसे ही दुल्हन स्टेज पर पहुँची और दूल्हे को करीब से देखा, उसने शादी से साफ इनकार कर दिया। वजह? दूल्हा शराब के नशे में पूरी तरह टुन्न था। लड़खड़ा रहा था, आँखें लाल थीं और हरकतें बेकाबू। दुल्हन संजू वर्मा ने फौरन वरमाला डालने से मना कर दिया और कहा, “मैं ऐसे शराबी लड़के से शादी नहीं करूँगी।”
बारात फतेहपुर से आई, सब कुछ अच्छा चल रहा था, फिर अचानक हंगामा

बारात फतेहपुर जिले के चाँदपुर थाना क्षेत्र के आजमपुर गड़वा गाँव से आई थी। दूल्हा श्यामू, उसके पिता का नाम मोतीलाल है। शाम को बारात धूमधाम से गाँव पहुँची। लड़की वालों ने भरपूर स्वागत किया, खाना-पीना हुआ, द्वारचार हुआ, सब ठीक चल रहा था। फिर जयमाला का वक्त आया। दूल्हा-दुल्हन स्टेज पर चढ़े। जैसे ही संजू ने श्यामू को नजदीक से देखा, उसकी नशे की हालत साफ दिख गई। संजू ने तुरंत माला डालने से इनकार कर दिया।
समझाने की सारी कोशिशें नाकाम, दुल्हन अपने फैसले पर अडिग
स्टेज पर यह बात सुनते ही हड़कंप मच गया। बाराती और लड़की वाले दोनों परेशान। दूल्हे के पिता मोतीलाल, रिश्तेदार, पंचायत वाले सब लग गए समझाने में। कोई कहता, “बेटी एक बार माफ कर दो, आगे नहीं पीएगा।” कोई बोला, “शादी के बाद सुधर जाएगा।” लेकिन संजू पर कोई असर नहीं हुआ। वह बार-बार यही कहती रहीं, “मैंने अपनी आँखों से देखा है कि शराबी मर्द औरत की जिंदगी कैसे बर्बाद कर देते हैं। मारपीट, पैसा उड़ाना, बच्चों का भविष्य चौपट करना – मैं ये सब नहीं सहूँगी।”
मामला थाने पहुँचा, पंचायत भी हुई, पर संजू नहीं पसीजी
जब घर में बात नहीं बनी तो रात में ही मामला जसपुरा थाने पहुँच गया। थाना प्रभारी अनिल कुमार ने दोनों पक्षों को अगले दिन बुलाया। 5 दिसंबर को पंचायत बैठी। दुल्हन के पिता रामबाबू वर्मा और दूल्हे के पिता मोतीलाल दोनों मौजूद थे। फिर वही मान-मनौव्वल, वही विनती। लेकिन संजू ने थाने में भी साफ कह दिया, “मुझे गरीब लड़का भी मंजूर है, जो मेहनत करता हो, इज्जतदार हो, लेकिन शराबी बिलकुल नहीं। मैंने देख लिया कि दूल्हा ही नहीं, उसके पिता भी शराब पिए हुए थे। ऐसे घर में मैं अपनी जिंदगी कैसे बिताऊँगी?”
दहेज का सारा सामान लौटाया, बारात खाली हाथ लौटी
जब संजू नहीं मानी तो लड़की वालों ने सारा दहेज का सामान – कपड़े, बर्तन, गहने, फर्नीचर – वापस कर दिया। बारात बिना दुल्हन के, निराश होकर लौट गई।
जाते-जाते धमकी भी दे गए दूल्हा और उसके पिता
गुस्से में दूल्हा श्यामू और उसके पिता मोतीलाल ने धमकी दे डाली। लड़की के भाई दीपक वर्मा ने बताया कि मोतीलाल ने कहा, “अब देखना, तुम्हारी बहन की कहीं शादी नहीं होने देंगे। जहाँ भी रिश्ता तय होगा, वहीं से बारात उठवा लेंगे।”
गाँव वाले कर रहे संजू की तारीफ
इस घटना के बाद गौरी कला और आसपास के गाँवों में संजू की बहादुरी की चर्चा हर तरफ है। लोग कह रहे हैं कि संजू ने जो किया, वह बिलकुल सही किया। उसने न सिर्फ अपनी जिंदगी बचाई, बल्कि दूसरी लड़कियों को भी हिम्मत दी कि अगर दूल्हा नशेड़ी निकले तो शादी से मना करना कोई गुनाह नहीं, बल्कि साहस का काम है।
संजू उर्फ संजोकता वर्मा ने अंत में कहा, “लोग कहते हैं कि लड़की को समझौता करना पड़ता है। लेकिन मैं समझौता नहीं करूँगी। यह मेरी जिंदगी है, मेरा फैसला है। मैंने सबसे सही और बड़ा फैसला लिया है।”










