रायबरेली : उत्तर प्रदेश के रायबरेली (Raebareli) जिले के महाराजगंज तहसील क्षेत्र में स्थित महाराजगंज ब्लॉक के समसपुर हलोर ग्राम में श्री बालाजी पवन तनय संकट मोचन सेवा समिति ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री बालाजी आश्रम तक पहुंचने वाली सड़क की स्थिति जर्जर बनी हुई है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्य सड़क से मंदिर तक पक्की सड़क और पुलिया के निर्माण की मांग की है, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और लोक निर्माण विभाग के मंत्री जितेंद्र प्रसाद से तथा डीएम (DM) से इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों में संदीप दास, अविनाश चंद्र के अनुसार, समसपुर हलोर वाया ओसाह मेन सड़क से मंदिर तक का मार्ग वर्तमान में कच्चा है, जिसकी लंबाई लगभग 150 मीटर है। बरसात के मौसम में इस मार्ग पर पानी भर जाता है, जिससे श्रद्धालुओं और भक्तों को मंदिर पहुंचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं और यहां सामाजिक एवं धार्मिक कार्य भी नियमित रूप से आयोजित होते हैं। कच्चे मार्ग के कारण न केवल आवागमन प्रभावित होता है, बल्कि सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ जाते हैं।

ट्रस्ट ने इस समस्या के समाधान के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए हैं। पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी रायबरेली (Raebareli) सहित अन्य संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय नेताओं को पत्र के माध्यम से इस मुद्दे से अवगत कराया है। इसके अलावा, क्षेत्रीय विधायक से भी अनुमोदन प्राप्त किया गया है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। ट्रस्ट के एक पदाधिकारी ने कहा, “हमने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और लोक निर्माण मंत्री जितेंद्र प्रसाद से इस सड़क और पुलिया के निर्माण की मांग की है। यह न केवल धार्मिक महत्व का विषय है, बल्कि स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ा है। भक्तों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस कार्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।”

ट्रस्ट ने यह भी मांग की है कि सड़क निर्माण के साथ-साथ एक लाइट मास्ट की व्यवस्था भी की जाए, ताकि शाम के समय आवागमन सुरक्षित हो सके। पदाधिकारियों का कहना है कि ग्राम सभा द्वारा कच्चे मार्ग का निर्माण तो कराया जा सकता है, लेकिन पक्की सड़क और पुलिया के लिए सरकारी सहयोग आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री और मंत्री इस मांग पर ध्यान देंगे और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराएंगे।
इस मुद्दे पर स्थानीय निवासियों का भी समर्थन है। एक स्थानीय भक्त ने बताया, “मंदिर हमारे गांव की शान है। यहां हर साल हजारों लोग आते हैं, लेकिन सड़क की खराब हालत के कारण कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। सरकार को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”

अभी तक लोक निर्माण विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ट्रस्ट ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुनवाई नहीं हुई तो वे आगे के कदम उठाने पर विचार करेंगे, जिसमें धरना-प्रदर्शन शामिल हो सकता है। यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करता है, जहां धार्मिक स्थलों तक पहुंच भी एक चुनौती बनी हुई है।










