Dowry harassment Saharanpur : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जो समाज में अभी भी जड़ जमाए दहेज प्रथा की कुरूपता को उजागर करती है। एक विवाहिता हिना ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई और कहा कि या तो उसे सम्मान के साथ ससुराल भेजा जाए, जहां वह अपने पति के साथ रह सके, या फिर इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी जाए। हिना की यह गुहार सुनकर हर कोई स्तब्ध रह गया। वह इतनी टूट चुकी है कि जीने की इच्छा भी खत्म हो गई है, लेकिन फिर भी वह अपना वैवाहिक जीवन बचाना चाहती है।
शादी से शुरू हुई दहेज की मांग और मारपीट

हिना की शादी साल 2019 में मुस्लिम रीति-रिवाजों से हुई थी। शादी के समय उसके मायके वालों ने अपनी हैसियत से कहीं ज्यादा खर्च किया। लाखों रुपये दहेज में दिए गए, घरेलू सामान, जेवरात और जो बन पड़ा, सब कुछ दिया। मायके वाले खुश थे कि बेटी की शादी अच्छे घर में हो रही है। लेकिन ससुराल पहुंचते ही रंग बदल गया। हिना बताती है कि शादी के कुछ ही दिनों बाद ससुराल वालों ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। जब मांग पूरी नहीं हुई तो मारपीट होने लगी। उसे रोजाना ताने दिए जाते, मानसिक रूप से तंग किया जाता।
हिना कहती है कि वह पहले से ही दुखी थी, ऊपर से संतान न होने का ताना अलग से मिलता था। ससुराल वाले कहते कि बच्चा नहीं है तो क्या फायदा शादी का? इन तानों से उसका आत्मसम्मान बार-बार चोट खाता। वह चुपचाप सब सहती रही, सोचती रही कि शायद समय के साथ सब ठीक हो जाएगा। लेकिन दहेज की मांग और बच्चे न होने का बहाना बनाकर आखिरकार ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया। मजबूरन हिना अपने माता-पिता के पास छत्तीसगढ़ चली गई। वहां भी उसका मन नहीं लगा, क्योंकि वह अपने पति से अभी भी मोहब्बत करती थी।
पति की दूसरी शादी ने तोड़ दिया हौसला
छत्तीसगढ़ में रहते हुए हिना को एक दिन पता चला कि उसके पति ने बिना उसकी जानकारी और सहमति के दूसरी शादी कर ली है। यह खबर उसके लिए किसी सदमे से कम नहीं थी। वह रोते-रोते बेहाल हो गई। जिस पति के लिए वह सब कुछ सह रही थी, उसी ने उसे धोखा दे दिया। फिर भी हिना का दिल नहीं माना। वह कहती है कि वह अभी भी अपने पति के साथ रहना चाहती है। वह अपना वैवाहिक जीवन बचाना चाहती है। वह नहीं चाहती कि उसकी शादी टूटे। लेकिन ससुराल वाले उसे वापस नहीं बुला रहे।
पुलिस और अधिकारियों से कोई मदद नहीं मिली
हिना ने अपनी इस पीड़ा के लिए कई बार पुलिस में शिकायत की। दहेज उत्पीड़न और मारपीट की बात बताई। लेकिन हर बार बात आई-गई हो गई। कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो उसे ससुराल में रहने का हक दिलाया गया, न दहेज के आरोपियों पर कोई सख्त कदम उठाया गया। प्रशासन की इस अनदेखी से हिना पूरी तरह हताश हो गई। वह कहती है कि वह सालों से इस दर्द को झेल रही है। मानसिक तनाव, सामाजिक दबाव और अकेलापन उसे खाए जा रहा है। अब उसके पास कोई रास्ता नहीं बचा।
डीएम कार्यालय में फूट-फूटकर रोई हिना
आखिरकार हिना सहारनपुर के जिलाधिकारी मनीष बंसल के दफ्तर पहुंच गई। वहां वह घंटों बैठी रही और अपनी पूरी कहानी सुनाई। रोते-रोते कहा कि अब वह इस जिंदगी से तंग आ चुकी है। या तो प्रशासन उसे सम्मान के साथ ससुराल भेजे, ताकि वह अपने पति के साथ रह सके और अपना घर बसा सके, या फिर इच्छामृत्यु की इजाजत दे दे। हिना की यह बात सुनकर कार्यालय में मौजूद लोग भी भावुक हो गए। एक औरत का इस कदर टूटना किसी को भी अंदर तक हिला देता है।
अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का भरोसा
जिलाधिकारी मनीष बंसल और एसएसपी आशीष तिवारी ने हिना की बात सुनी। उन्होंने कहा कि अगर कोई दोषी पाया गया तो सख्त कार्रवाई होगी। हिना को संबंधित थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने को कहा गया, ताकि मामले की पूरी जांच हो सके। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि न्याय मिलेगा। लेकिन हिना जैसी कितनी ही महिलाएं सालों से न्याय की राह देखती रहती हैं।
निष्कर्ष
यह मामला सिर्फ हिना की कहानी नहीं है। यह उन हजारों महिलाओं की कहानी है जो दहेज की वजह से प्रताड़ित होती हैं। शादी के नाम पर लाखों रुपये लुटाने के बावजूद ससुराल में सम्मान नहीं मिलता। संतान न होने पर ताने, मारपीट और अंत में घर से निकाल दिया जाना। और सबसे दुखद यह कि पति दूसरी शादी कर लेता है, लेकिन औरत अभी भी उसी से मोहब्बत करती है। हिना की गुहार समाज को झकझोर रही है। क्या दहेज जैसी कुप्रथा को खत्म करने का समय नहीं आ गया? क्या महिलाओं को ऐसे हालात में इच्छामृत्यु मांगने पर मजबूर होना पड़ेगा?










