Ramgarh SP Ajay Kumar Police Behavior Initiative : रामगढ़ एसपी का सराहनीय काम, पुलिस को जनता का दोस्त बनाने का प्रयास

Ramgarh SP Ajay Kumar Police Behavior Initiative : रामगढ़ एसपी की अनोखी पहल, पुलिस बनेगी जनता की सच्ची दोस्त

Ramgarh SP Ajay Kumar Police Behavior Initiative : आमजनता की शिकायतों से मिली प्रेरणा झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस की छवि को बेहतर बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय कुमार ने एक अनोखी और प्रशंसनीय पहल शुरू की है। अजय कुमार, जो जुलाई 2024 से रामगढ़ के एसपी हैं, को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि थानों में आने वाले फरियादियों के साथ पुलिसकर्मी अच्छा व्यवहार नहीं करते। लोग थाने जाने से डरते हैं, क्योंकि कई बार उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता या फिर रुखा-सख्त रवैया अपनाया जाता है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसपी अजय कुमार ने फैसला किया कि पुलिस की कार्यशैली को बदलना जरूरी है। उन्होंने जिले के सभी पुलिस पदाधिकारियों को बुलाकर सख्त निर्देश दिए कि अब से थाने में आने वाले हर व्यक्ति की इज्जत की जाएगी, उनकी शिकायतों को ध्यान से सुना जाएगा और समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा।

सख्त निर्देश, व्यवहार न बदला तो होगी कार्रवाई

एसपी अजय कुमार ने पुलिस अधिकारियों की मीटिंग में साफ-साफ कहा कि पुलिस का काम सिर्फ अपराध रोकना ही नहीं है, बल्कि आमजनता की सेवा करना और उन पर विश्वास कायम करना भी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई पुलिसकर्मी अपना रवैया नहीं बदलेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यह निर्देश सिर्फ कागजों पर नहीं रहेंगे, बल्कि इनका पालन करवाने के लिए निगरानी भी की जाएगी। एसपी का मानना है कि पुलिस और जनता के बीच का फासला कम होना चाहिए। पुलिस को जनता के अनुकूल काम करना चाहिए, ताकि लोग बिना डरे थाने आ सकें। पहले कई मामलों में देखा गया है कि गलत व्यवहार की वजह से लोग शिकायत दर्ज कराने से हिचकिचाते हैं, जिससे अपराध छिप जाते हैं और पुलिस की मदद नहीं मिल पाती। इस पहल से एसपी उम्मीद करते हैं कि पुलिस की गरिमा बनी रहेगी और लोग पुलिस को अपना दोस्त मानेंगे।

पुलिस की नई छवि सेवा और विश्वास का प्रतीक

रामगढ़ जिले में यह पहल शुरू होने से पुलिस थानों का माहौल बदलने वाला है। अब फरियादी को थाने में सम्मान मिलेगा, उनकी बात सुनी जाएगी और उचित कार्रवाई होगी। इससे न सिर्फ पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि जनता में पुलिस के प्रति भरोसा भी मजबूत होगा। लोग निर्भीक होकर अपनी समस्याएं लेकर थाने आएंगे, चाहे वह छोटी शिकायत हो या बड़ा मामला। एसपी अजय कुमार की यह कोशिश इसलिए भी खास है क्योंकि वे खुद फ्रेंडली पुलिसिंग की बात करते हैं। पद संभालते ही उन्होंने कहा था कि उनका लक्ष्य जिले को अपराध मुक्त बनाने के साथ-साथ पुलिस को जनता के करीब लाना है।

यह पहल अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है। कई जगहों पर पुलिस और जनता के बीच अविश्वास की खाई गहरी होती जा रही है। ऐसे में अगर हर एसपी इस तरह के कदम उठाएं तो पुलिस की पुरानी नकारात्मक छवि बदल सकती है। रामगढ़ में एसपी की इस अनोखी पहल से उम्मीद है कि थाने अब डर के जगह नहीं, बल्कि मदद के केंद्र बनेंगे।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?

आज के समय में पुलिस का काम बहुत चुनौतीपूर्ण है। अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन अगर जनता पुलिस पर भरोसा नहीं करेगी तो अपराधियों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है। कई बार लोग छोटी-छोटी घटनाओं की शिकायत नहीं करते क्योंकि उन्हें लगता है कि पुलिस सुनती नहीं या परेशान करती है। एसपी अजय कुमार ने ठीक यही समस्या पकड़ी और इसका समाधान निकाला। उन्होंने पुलिसकर्मियों को समझाया कि अच्छा व्यवहार से ही जनता का सहयोग मिलेगा। अगर पुलिस सादगी और विनम्रता से पेश आएगी तो लोग खुद आगे आकर जानकारी देंगे, जिससे अपराध नियंत्रण आसान हो जाएगा।

इसके अलावा, एसपी ने अपराधियों पर सख्ती बरतने के भी निर्देश दिए हैं। लेकिन साथ ही जनता से बेहतर व्यवहार पर जोर दिया है। हाल के कुछ मामलों में जहां पुलिसकर्मियों पर गलत व्यवहार के आरोप लगे, वहां तुरंत कार्रवाई की गई, जो इस पहल की गंभीरता दिखाता है।

निष्कर्ष

इस पहल से सबसे बड़ा फायदा आमजनता को होगा। महिलाएं, बुजुर्ग, गरीब लोग जो थाने जाने से डरते हैं, अब बेझिझक अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। छोटे विवादों का निपटारा थाने में ही हो जाएगा, कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पुलिस की गरिमा बढ़ेगी और समाज में शांति बनी रहेगी। बच्चे भी पुलिस को हीरो की तरह देखेंगे, न कि डर के रूप में।

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