China Blockade Drill: दक्षिण चीन सागर (South China Sea) और ताइवान (Taiwan) की नजदीकी जल सीमाओं में चीन (China) की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की आक्रामक ब्लॉकेड ड्रिल ने क्षेत्रीय सुरक्षा को चुनौती दे दी है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार चीन ने 130 विमान और 14 सैन्य जहाजों को द्वीप के आसपास तैनात किया, जिसमें से 90 से अधिक लड़ाकू विमानों ने मध्य सीमा रेखा को पार किया। इस अभ्यास को चीन ने “जस्टिस मिशन 2025” कहा और इसे ताइवान पर किसी बाहरी हस्तक्षेप को रोकने की तैयारी के रूप में पेश किया। लाइव-फायर और लंबी दूरी के हथियारों के प्रदर्शन से क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है। अब सवाल यह है कि इस ड्रिल से ताइवान की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय जल मार्गों पर क्या असर पड़ेगा। चलिए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से…
चीन की ब्लॉकेड ड्रिल और सैन्य तैयारी/China Blockade Drill
चीन (China) की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने ताइवान (Taiwan) के निकट लगातार दूसरे दिन ब्लॉकेड ड्रिल को जारी रखा। ईस्टर्न थिएटर कमांड ने ताइवान के उत्तर और दक्षिण में जल क्षेत्रों में विध्वंसक, फ्रिगेट, लड़ाकू विमान और बमवर्षक भेजे। इस अभ्यास में लाइव-फायर और लंबी दूरी के हथियारों का प्रदर्शन किया गया, ताकि समुद्र-और वायु समन्वय और नाकाबंदी की क्षमता का परीक्षण किया जा सके। चीन ने इसे “जस्टिस मिशन 2025” का नाम दिया और इसे ताइवान पर किसी भी बाहरी सशस्त्र हस्तक्षेप को रोकने की तैयारी के रूप में पेश किया। इसके चलते ताइवान स्ट्रेट (Taiwan Strait) में क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है और आसपास के वाणिज्यिक एवं अंतरराष्ट्रीय जहाजों और उड़ानों में व्यवधान की संभावना उत्पन्न हो गई है।

ताइवान पर PLA की गतिविधियां और आक्रामकता
ताइवान (Taiwan) के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सोमवार सुबह 6 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक कुल 130 चीनी विमान और 14 सैन्य जहाज डिटेक्ट किए गए। इनमें से कम से कम 90 लड़ाकू विमान ताइवान की मध्य सीमा रेखा और “वायु रक्षा पहचान क्षेत्र” में प्रवेश कर गए। इसके अलावा चीनी गुब्बारे और फुजियान (Fujian) प्रांत की लंबी दूरी की तोपखाना इकाई ने ताइवान के उत्तर में लाइव-फायर अभ्यास किया। इस कार्रवाई को ताइवान ने “अत्यधिक उत्तेजक” और क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करने वाला बताया। ताइवान ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर विमान, नौसेना जहाज और तटीय मिसाइल सिस्टम तैनात किए, जिससे इलाके में सैन्य तैयारियों की जटिलता बढ़ गई है।
ताइवान की कड़ी चेतावनी
ताइवान के रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू (Wellington Koo) ने कहा कि चीनी सैनिकों की कार्रवाइयां क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करती हैं और गुजरते जहाजों, व्यापारिक गतिविधियों और हवाई मार्गों के लिए सुरक्षा खतरा पैदा करती हैं। ताइवान ने चीन की इस गतिविधि को “अलगाववादी और आक्रामक” बताया। वहीं, चीन ने दावा किया कि यह अभ्यास ताइवान को स्वतंत्र रूप से अलग करने की किसी भी कोशिश को रोकने और बाहरी हस्तक्षेप से निपटने के लिए किया गया है। चीन की आधिकारिक मीडिया ने इसे मजबूत संदेश और सैन्य शक्ति के प्रदर्शन के रूप में पेश किया, जिससे अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय ताकतों की निगाहें भी ताइवान के आसपास की गतिविधियों पर टिक गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय दबाव और क्षेत्रीय तनाव
दक्षिण चीन सागर और ताइवान स्ट्रेट में चीन की यह ड्रिल सुरक्षा, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय जल मार्गों के लिए गंभीर चुनौती पेश कर रही है। ताइवान लगातार सतर्क है और हर गतिविधि पर निगरानी रख रहा है। आस-पास के अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाज और हवाई मार्ग अस्थायी “खतरनाक क्षेत्र” के कारण प्रभावित हो रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की ड्रिल से केवल सैन्य दबाव ही नहीं बढ़ता, बल्कि क्षेत्रीय देशों और वैश्विक समुदाय के बीच कूटनीतिक तनाव भी गहरा सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि चीन की यह कार्रवाई ताइवान पर वास्तविक सैन्य दबाव में बदलती है या सिर्फ सशस्त्र प्रदर्शन के रूप में सीमित रहती है।










