New Year 2026 Spiritual Wave: नए साल के आगमन के साथ ही देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। काशी (Varanasi) से लेकर अयोध्या (Ayodhya), उज्जैन (Ujjain) और कटरा (Katra) तक भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। हालात ऐसे हैं कि काशी विश्वनाथ धाम में 2 किलोमीटर लंबी लाइन लगी है, तो महाकालेश्वर मंदिर में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। नए साल की शुरुआत भगवान के आशीर्वाद से करने की चाह में लाखों श्रद्धालु मंदिरों की ओर पहुंच रहे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने विशेष गाइडलाइंस भी जारी की हैं। आखिर देश के अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर क्या हालात हैं और प्रशासन कैसे संभाल रहा है यह चुनौती, चलिए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से…
नए साल पर आस्था का रिकॉर्ड सैलाब/New Year 2026 Spiritual Wave
हर साल की तरह इस बार भी नए साल के मौके पर धार्मिक पर्यटन चरम पर पहुंच गया है। अयोध्या (Ayodhya) में रामलला (Ram Lalla) और वाराणसी (Varanasi) में बाबा विश्वनाथ (Baba Vishwanath) के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिरों के बाहर 2–2 किलोमीटर लंबी कतारें लग चुकी हैं। श्रद्धालु देर रात से ही लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कटरा (Katra) में माता वैष्णो देवी (Mata Vaishno Devi) के दर्शन के लिए भी हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आस्था के इस सैलाब ने स्थानीय प्रशासन की तैयारियों की भी कड़ी परीक्षा ले ली है।

महाकाल, काशी और अयोध्या में हालात
उज्जैन (Ujjain) स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर (Mahakal Temple) में नए साल पर हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। गर्भगृह के आसपास श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ है कि पैर रखने की जगह तक नहीं बची। वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) में रोजाना 3 से 4 लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने 2 जनवरी तक स्पर्श दर्शन पर रोक लगा दी है और सभी वीआईपी प्रोटोकॉल अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। अयोध्या में भी राम मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
अपील और एडवाइजरी
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वृंदावन (Vrindavan) स्थित बांके बिहारी मंदिर (Banke Bihari Temple) प्रशासन ने श्रद्धालुओं से फिलहाल मंदिर न आने की अपील की है। होटल और गेस्ट हाउस पूरी तरह फुल हो चुके हैं, जिससे हालात और बिगड़ रहे हैं। प्रशासन के अनुसार पिछले कुछ दिनों से रोजाना 4 से 5 लाख श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन पहुंच रहे हैं, जबकि 31 दिसंबर और 1 जनवरी को यह संख्या और बढ़ सकती है। वहीं शिरडी (Shirdi) साईं बाबा मंदिर को 31 दिसंबर की रात श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह खुला रखने का फैसला लिया गया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
वाराणसी (Varanasi) में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए काशी विश्वनाथ धाम को अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मंदिर के चारों प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग की गई है और पूरे इलाके को सीसीटीवी (CCTV) निगरानी में रखा गया है। पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन टीमों को भी तैनात किया गया है। प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से अपील कर रहा है कि वे संयम बनाए रखें और गाइडलाइंस का पालन करें। आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है, ऐसे में प्रशासन की तैयारियां लगातार परखी जा रही हैं।










